भारतकोश
ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary

आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा

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पृष्ठ 526

( १४० ) न समा^३युगमनुकल्पाः कल्पा^१दिगतं कृतादियातं च । स्मृत्युक्तै^२रार्यभटो ना तो जानाति मध्यगतिं ॥ १० ॥ उँ^१कारो दिन^३वारो गुरुर^२दयिकोस्य भवति कल्पादौ । न भवत्यर्को^४ यस्मादोंकारे विस्वरस्तस्मात् ॥ ११ ॥ सूर्योदयाच्चतुर्थात्^१ दिनपा^२त् यदुवाच तदस^३दार्यभटः । लङ्को^४दयो यतोर्क स्यास्तमयं प्राह सिद्ध पुरे ॥ १२ ॥ आधिकैः^१ शतैश्चतुर्भिर्वर्ष^२ सहस्रै^३श्चतुर्दशाभिरेकः १४४०० । युगपातै^५र्द्दिनवारोत्तर^६योदयिकर्द्ध^४ रात्रिकयोः ॥ १३ ॥

१०. (घ) १. कल्पादिगतं (ग) (च) for (कल्पादिगत)
२. स्मृत्युक्तै र्यभटो for (स्मृत्युक्तैरार्यभटो)
(ग) ३. समायुतं गमनुकल्पाः for (समायुगमनुकल्पाः)
११. (घ) १. ओंकारो for (उँकारो)
२. रौदयिको (ग) रोदयिक्येस्य for (रदयिकोस्य)
(ग) ३. दिनचरै for (दिनवारो)
(च) २. गुरुरौदयिको for (गुरुरदयिको)
४. न भवत्यक्कों for (न भवत्यर्को)
१२. (ग) १. चतुर्थान् for (चतुर्थात्)
२. दिनपान for (दिनपात्)
३. तव for (तद)
४. लंकोदये for (लंकोदयो)
५. यतोर्कं स्या for (यतोर्कस्या)
१३. (घ) १. अधिकैः (ग) (च) for (आधिकैः)
२. चतुर्भिर्वषं (ग) (च) for (चतुर्भिर्वर्ष)
३. चतुर्दशभिरेकः (ग) (च) for (चतुर्दशाभिरेकः)
४. मोदयिकार्द्धं (ग) for (योदयिकंद्धं)
(ग) ५. युगजातै for (युगपातै)
६. दिनवारोंत्तर for (दिनवारोत्तर)
(च) ४. मोदयिकर्द्ध for (योदयिकर्द्ध)
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