भारतकोश
ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary

आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा

DevanagariHindipublished737 पृष्ठ

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पृष्ठ 530

( १४४ ) लंबनमृणधनमुक्तं पूर्वापरयोस्तिथौ³ दिनार्द्धस्य । युक्तो भावो यद्भवति तद्ग्रहणधनयोस्त्यो¹कधर²म् ॥ २६ ॥ दृक्क्षेपज्या¹ बाहु दृग्ज्याकर्णोनयोः³ क्तितिशेषात्² । मूलं दृग्गतिजीवा संस्थानमयुक्तमेतदपि ॥ २७ ॥ लंबनघटिका लिप्ता दृशज्यया¹र्केंदुदृग्गतिकलानाम्⁴ । यस्मान्न³ समस्तस्मात्² दृशज्यया⁵ लंबनं स्थूलम् ॥ २८ ॥ वित्रिभलग्ने दृक्षेपमंडलयुतो¹ ज्या मध्या³ । मध्यादृक्षे⁵पज्यानार्यभटोक्तनया⁴ तुल्या ॥ २६ ॥

२६. (घ) १. स्थितौ (ग) for (स्तित्थौ)
२. कतरत् (ग) for (कधरम्)
(ग) ३. पूर्वापरस्थितौ for (पूर्वापरयोस्तित्थौ)
(च) १. स्थितोकतरत् for (स्त्योकधरम्)
२७. (घ) १. दृक्षेपज्या (ग) क्षेपज्या for (दृक्क्षेपज्या)
२. कृतिविशेषात् for (क्तितिशेषात्)
(ग) ३. हं गत्या for (दृग्ज्या)
२. कृतिविशेषात् (च) for (क्तितिशेषात्)
(च) १. दृक्षेपज्या for (दृक्क्षेपज्या) ५. र्हंग्ज्या for (दृग्ज्या)
२८. (घ) १. दश (ग) द्रश for (दृश)
२. समा (च) for (सम)
(ग) ३. यस्मा समास्तस्मा for (यस्मान्न)
(च) १. दशज्ययार्केंदु for (दृशज्ययार्केंदु)
४. द्रग्गति for (दृग्गति) ५. दशज्यया for (दृशज्यया)
२६. (घ) १. मंडलं तदप (ग) मंडलं तप तदप for (मंडल युतो)
२. युतौ (ग) for (युतो)
३. (लुप्त)
४. भटोक्ततया (ग) for (भटोक्तनया)
(च) ३. "मध्या" लुप्त ५. दृक्षेपज्या for (दृक्षेपज्या)
४. भटोक्त तया for (भटोक्तनया)