ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)
Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary
आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा
DevanagariHindipublished737 पृष्ठ
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( १४५ ) दृक्क्षेपज्यातो¹ सत्तन्नाशादवनते⁵ भवति⁴ । नाशः अवनतिनाशाद्भ्रामस्यो² नाधिकवार³ विग्रहणे ॥ ३० ॥ पंचज्यया यतोर्कग्रहणं³ श्रीषेणदिष्णुचन्द्रकृतम्¹ । आर्यभटोक्तान्यनयोर्क⁴ गृह दुषणानि² ततः ॥ ३१ ॥ एवं विचार्यमाणं पंचज्यालम्बनं महास्थुलम्¹ । स्थुलावनतिश्च² तथा दृशज्यया⁴ लंबनावनति³ ॥ ३२ ॥ नाडीचुटुष्टुविधिना¹ सर्वत्रसमो यतस्तत स्युलः² । मानार्थकर्ममहकृत्³ मार्यभटेन लघुनि सति⁴ ॥ ३३ ॥
३०. (घ) १. पहली पंक्ति का अंतिम शब्द 'नाशः' ।
२. नाशाद्ग्रासस्यो for (नाशाभ्रामस्यो)
३. नाधिकता रवि for (नाधिकवारवि)
(ग) ४. र्भवति नाशः for (भवति)
५. दूसरी पंक्ति का आरम्भ 'अवनतिनाशाद्ग्रासस्यो ना'
(च) २. नाशाद्ग्रासस्यो for (नाशाभ्रामस्यो)
३१. (घ) १. विष्णु चं कृतं for (विष्णुचन्द्रकृतम्)
२. दूषणानि (ग) for (दुषणानि)
(च) ३. यतोक्तं for (यतोर्क) १. चन्द्रकृतं for (चन्द्रकृतम्)
४. र्कं for (र्क)
३२. (घ) १. स्थूलं (ग) माहास्थूलं for (महास्थुलम्)
२. स्थूलावनतिश्च (ग) for (स्युलावनतिश्च)
३. वनती (ग) चनती for (वनति)
(च) १. महास्थूलं for (महास्थुलम्)
२. स्थूलावनतिश्च for (स्युलावनतिश्च)
४. दशज्यया for (दृशज्यया)
३. लंबनावनती for (लंबनावनति)
३३. (घ) १. चतुष्क (ग) (च) for (चुटुष्टु)
२. स्थूलः (ग) (च) for (स्युलः)
३. मानार्थं (ग) (च) for (मानार्थ)
४. महत्कृत (ग) (च) for (महकृत्)