भारतकोश
ब्रह्मसूत्र (शाङ्करभाष्य सहित)

ब्रह्मसूत्र (शाङ्करभाष्य सहित)

Brahma Sutras with Shankara Bhashya - Gita Press

महर्षि बादरायण / आदि शङ्कराचार्य द्वारा

स्रोत: गीताप्रेस गोरखपुर · गीताप्रेस गोरखपुर · 1950 (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished417 पृष्ठ

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पृष्ठ 13

( १३ ) सूत्र विषय पृष्ठ १४-१५ { आकाश आदिकी सृष्टिमे ब्रह्म ही कारण है तथा उस प्रसङ्गमे ... { आये हुए 'असत्' आदि शब्द भी उसीके वाचक हैं, { इसका समर्थन ... ... ८८-९० १६-२२ { कौषीतकि श्रुतिमे सोलह पुरुषोंका कर्ता एवं ज्ञेयतत्त्व ब्रह्मको { ही बताया गया है, जीव, प्राण या प्रकृतिको नहीं, इसका { सयुक्तिक उपपादन ... ... ९१-९५ २३-२९ ब्रह्मकी अभिन्न निमित्तोपादान कारणताका निरूपण ... ९५-१०१ दूसरा अध्याय पहला पाद १-११ { सांख्योक्त प्रधानको जगत्का कारण न माननेसे सम्भावित { दोषोंका उल्लेख और उनका परिहार ... ... १०२-१०९ १२ अन्य वेदविरोधी मतोंका निराकरण ... ... १०९ १३-१४ ब्रह्मकारणवादके विरुद्ध उठायी हुई शङ्काओंका समाधान ... १०९-१११ १५-२० { युक्तियो और दृष्टान्तोंद्वारा सत्कार्यवादकी स्थापनासे एवं ब्रह्मसे { जगत्की अनन्यता ... ... १११-११४ २१-२३ उक्त अनन्यतामें सम्भावित 'हिताकरण' आदि दोषोंका परिहार ११५-११७ २४-२५ { ब्रह्मके द्वारा संकल्पमात्रसे बिना साधन-सामग्रीके ही जगत्की { रचनाका कथन ... ... ११७-११९ २६-२८ { ब्रह्मकारणवादमे सम्भावित अन्यान्य दोष तथा श्रुति- { विरोधका परिहार ... ... ११९-१२१ २९-३० सांख्यमतमें दोष दिखाकर ग्रन्थकारद्वारा अपने सिद्धान्तकी पुष्टि १२२-१२३ ३१-३३ { कारण और प्रयोजनके बिना ही परमेश्वरद्वारा सङ्कल्पमात्रसे { होनेवाली जगत्की सृष्टि उनकी लीलामात्र है—इसका प्रतिपादन १२३-१२४ ३४-३५ ब्रह्ममें आरोपित विषमता और निर्दयता दोषका निराकरण १२५-१२७ ३६-३७ { जीवों और उनके कर्मोंकी अनादि सत्ताका प्रतिपादन तथा { ब्रह्मकारणवादमें विरोधके अभावका कथन ... १२७-१२८ दूसरा पाद १-१० { अनेक प्रकारके दोष दिखाकर सांख्योक्त प्रधान कारणवाद- { का खण्डन ... १२९-१३५ ११-१७ वैशेषिकोंके परमाणुकारणवादका निराकरण ... १३६-१४१ १८-३२ बौद्धमतकी असङ्गतियोंको दिखाते हुए उसका खण्डन ... १४१-१५१ ३३-३६ जैनमतमे पूर्वापरविरोध दिखाते हुए उसका खण्डन ... १५२-१५४ ३७-४१ पाशुपतमतका खण्डन ... १५४-१५७