बृहन्नारदीय पुराण (संस्कृत मूल व हिन्दी व्याख्या)
Brihan Naradiya Purana with Sanskrit & Hindi Commentary
महर्षि व्यास द्वारा
स्रोत: चौखम्बा संस्कृत संस्थान · चौखम्बा संस्कृत संस्थान (उद्गम)
पृष्ठ 895, कुल 1008 में से
संदर्भ में पढ़ेंअष्टनवतितमोऽध्यायः ब्रह्मोवाच अथ ते संप्रवक्ष्यामि मार्कण्डेयाभिधं मुने । पुराणं सुमहत्पुण्यं पठतां शृण्वतां सदा ॥१॥ यत्राधिकृत्य शकुनीन्सर्वधर्मनिरूपणम् । मार्कण्डेयपुराणं तन्नवसाहस्रमीरितम् ॥२॥ मार्कण्डेयमुनेः प्रश्नो जैमिनेः प्राक्समीरितः । पक्षिणां धर्मसंज्ञानां ततो जन्मनिरूपणम् ॥३॥ पूर्वजन्मकथा चैषां विक्रिया चादिवस्पतेः । तीर्थयात्रा बलस्याथ द्रौपदेयकथानकम् ॥४॥ हरिश्चन्द्रकथा पुण्या युद्धमाडीवकाभिधम् । पितापुत्रसमाख्यानं दत्तात्रेयकथा ततः ॥५॥ हैहयस्याथ चरितं महाख्यानसमन्वितम् । मदालसाकथा प्रोक्ता ह्यलर्कचरितान्विता ॥६॥ सृष्टिसंकीर्तनं पुण्यं नवधा परिकीर्तितम् । कल्पांतकालनिर्देशो यक्षसृष्टिनिरूपणम् ॥७॥ रुद्रादिसृष्टिरप्युक्ता द्वीपचर्यानुकीर्तनम् । मनूनां च कथा नाना कीर्तिताः पापहारिकाः ॥८॥ तासु दुर्गाकथार्यन्तं पुण्यदा चाष्टमेऽन्तरे । तत्पश्चात्प्रणवोत्पत्तिस्त्रयीतेजःसमुद्भवा ॥९॥ मार्तण्डस्य च जन्माख्या तन्माहात्म्यसमन्विता । वैवस्वतान्वयश्चापि वत्सप्रीश्चरितं ततः ॥१०॥ खनित्रस्य ततः प्रोक्ता कथा पुण्या महात्मनः । अविक्षिच्चरितं चैव किमिच्छव्रतकीर्तनम् ॥११॥
अध्याय ९८ मार्कण्डेयपुराण की विषयानुक्रमणी श्रीब्रह्मा बोले—मुने ! अब मैं पढ़ने तथा सुनने वालों के लिये महापुण्यदायक मार्कण्डेयपुराण के संबन्ध में कहूँगा, जिसमें शकुनियों को अवलम्बन करके समस्त धर्मों का निरूपण किया गया है। मार्कण्डेयपुराण में नौ हजार श्लोक हैं। उसमें जैमिनि से मार्कण्डेयमुनि का प्रश्न, धर्मसंज्ञक पक्षियों का जन्म-निरूपण, पूर्वजन्मकथा, दिवस्पति की विक्रिया, बलभद्र की तीर्थयात्रा, द्रौपदेयकथानक, हरिश्चन्द्रकथा, आडी तथा बक का युद्ध, पिता-पुत्र का आख्यान, दत्तात्रेयकथा, हैहय-चरित्र का महाआख्यान, मदालसाकथा, अलर्कचरित, नवधा सृष्टिकीर्तन, कल्पांतकाल निर्देश, यक्षसृष्टिनिरूपण, रुद्रादिसृष्टि, द्वीपचर्या, मनुओं की अनेक पापहरिणी कथायें, उनमें अष्टम मन्वन्तर में अत्यन्त पुण्यप्रद दुर्गा की कथा, प्रणवोत्पत्ति, त्रयोतेज का उद्भव, मार्तंड का जन्म तथा माहात्म्य, वैवस्वतवंश वर्णन, वत्सप्री का चरित्र, महात्मा खनित्र की पवित्र कथा, अविक्षित् का चरित्र, किमिच्छव्रतकीर्तन, नरिष्यंतचरित, इक्ष्वाकुचरित, नलचरित, रामचंद्र की सत्कथा, कुशवंशाख्यान, सोमवंश का कीर्तन, पुरूरवा तथा नहुष की अद्भुत कथा, ययातिचरित्र, पवित्र-यदुवंशकीर्तन, श्रीकृष्णबालचरित्र, मथुरा का चरित्र, द्वारकाचरित, सकल अवतारों की