भारतकोश
बृहत्पाराशर होरा शास्त्र (महर्षि पराशर - सम्पूर्ण फलित ज्योतिष महाकोश सान्वय सटीक)

बृहत्पाराशर होरा शास्त्र (महर्षि पराशर - सम्पूर्ण फलित ज्योतिष महाकोश सान्वय सटीक)

Brihat Parashara Hora Shastra of Maharshi Parasara with Commentary

महर्षि पराशर (टीकाकार: पं. गणेशदत्त पाठक / सीताराम झा) द्वारा

DevanagariHindipublished800 पृष्ठ

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s are:

  • over
  • over There is NO other mātrā! And the consonants are: प्र + = ला + = यो + = ल्प + = ते It is 100% प्रबलायोपकल्प्यते!

Let's double check line 24: यत्र जन्मनि सोऽपि स्याच्छुभदृष्टे शुभागर्ला। Wait, look at शुभागर्ला: श + ु = शु भ + ा = भा ग र् + ल + ा = र्ला Yes, शुभागर्ला।

Line 25: तेन दृष्टेक्षिते लग्ने प्रबलायोपकल्प्यते।।२७।।

Line 26: यदि जन्मकाल में शुभग्रह से दृष्ट शुभ अर्गला हो और उसी शुभग्रह

Line 27: से लग्न युत वा दृष्ट हो तो लग्न प्रबल होती है।।२७।।

Line 28: यदि पश्येद्ग्रहस्तत्र विपरीतार्गलसंस्थितः।

Line 29: `प्रथमां तु विजानीयाद्विपरीतार्गलां द्व