बृहत्पाराशर होरा शास्त्र (महर्षि पराशर - सम्पूर्ण फलित ज्योतिष महाकोश सान्वय सटीक)

बृहत्पाराशर होरा शास्त्र (महर्षि पराशर - सम्पूर्ण फलित ज्योतिष महाकोश सान्वय सटीक)
Brihat Parashara Hora Shastra of Maharshi Parasara with Commentary
महर्षि पराशर (टीकाकार: पं. गणेशदत्त पाठक / सीताराम झा) द्वारा
DevanagariHindipublished800 पृष्ठ
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३९६ बृहत्पाराशरहोराशास्त्रम् अथ कालचक्रदशायां सव्यमार्गचक्रम्
| दशानां नक्षत्राणि तत्पादानि च | नक्ष. | पा. | देहाधी. | १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | परमा. वर्षा. | जीवाधिपाः | राश. अंशाः |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अ. १च. मू. १च. पुन. १च. पू. १च. ह. १च. | अश्विनी, पुनर्वसु, हस्त, मूल, पूर्वाभाद्रपद | १ | मं. | मं. = ७व. | शु. = १६व. | बु. = ९व. | चं. = २१व. | सू. = ५व. | बु. = ९व. | शु. = १६व. | मं. = ७व. | बृ. = १०व. | १०० वर्ष | बृ. | मे. |
| अ. २च. मू. २च. पुन. २च. पू. २च. ह. २च. | अश्विनी, पुनर्वसु, हस्त, मूल, पूर्वाभाद्रपद | २ | श. | श. = ४व. | श. = ४व. | बृ. = १०व. | मं. = ७व. | शु. = १६व. | बु. = ९व. | चं. = २१व. | सू. = ५व. | बु. = ९व. | ८५ वर्ष | बु. | वृ. |
| अ. ३च. मू. ३च. पुन. ३च. पू. ३च. ह. ३च. | अश्विनी, पुनर्वसु, हस्त, मूल, पूर्वाभाद्रपद | ३ | शु. | शु. = १६व. | मं. = ७व. | बृ. = १०व. | श. = ४व. | श. = ४व. | बृ. = १०व. | मं. = ७व. | शु. = १६व. | बु. = ९व. | ८३ वर्ष | बु. | मि. |
| अ. ४च. मू. ४च. पुन. ४च. पू. ४च. ह. ४च. | अश्विनी, पुनर्वसु, हस्त, मूल, पूर्वाभाद्रपद | ४ | चं. | चं. = २१व. | सू. = ५व. | बु. = ९व. | शु. = १६व. | मं. = ७व. | बृ. = १०व. | श. = ४व. | श. = ४व. | बृ. = १०व. | ८६ वर्ष | बृ. | कं. |
| भ. १च. चि. १च. पु. १च. पू.षा. १च. उ.भा. १च. | भरणी, पुष्य, चित्रा, पूर्वाषाढ़, उत्तराभाद्रपद | १ | मं. | मं. = ७व. | शु. = १६व. | बु. = ९व. | चं. = २१व. | सू. = ५व. | बु. = ९व. | शु. = १६व. | मं. = ७व. | बृ. = १०व. | १०० वर्ष | बृ. | सिं. |
| भ. २च. चि. २च. पु. २च. पू.षा. २च. उ.भा. २च. | भरणी, पुष्य, चित्रा, पूर्वाषाढ़, उत्तराभाद्रपद | २ | श. | श. = ४व. | श. = ४व. | बृ. = १०व. | मं. = ७व. | शु. = १६व. | बु. = ९व. | चं. = २१व. | सू. = ५व. | बु. = ९व. | ८५ वर्ष | बु. | क. |
| भ. ३च. चि. ३च. पु. ३च. पू.षा. ३च. उ.भा. ३च. | भरणी, पुष्य, चित्रा, पूर्वाषाढ़, उत्तराभाद्रपद | ३ | शु. | शु. = १६व. | मं. = ७व. | बृ. = १०व. | श. = ४व. | श. = ४व. | बृ. = १०व. | मं. = ७व. | शु. = १६व. | बु. = ९व. | ८३ वर्ष | बु. | तु. |
| भ. ४च. चि. ४च. पु. ४च. पू.षा. ४च. उ.भा. ४च. | भरणी, पुष्य, चित्रा, पूर्वाषाढ़, उत्तराभाद्रपद | ४ | चं. | चं. = २१व. | सू. = ५व. | बु. = ९व. | शु. = १६व. | मं. = ७व. | बृ. = १०व. | श. = ४व. | श. = ४व. | बृ. = १०व. | ८६ वर्ष | बृ. | वृ. |