बृहत्पाराशर होरा शास्त्र (महर्षि पराशर - सम्पूर्ण फलित ज्योतिष महाकोश सान्वय सटीक)
Brihat Parashara Hora Shastra of Maharshi Parasara with Commentary
महर्षि पराशर (टीकाकार: पं. गणेशदत्त पाठक / सीताराम झा) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंषोडशवर्गाध्यायः ६१ | सं. | स्वामी | मे. | वृ. | मि. | क. | सिं. | कं. | तु. | वृ. | ध. | म. | कुं. | मी. | अं. क. | | १४ | चन्द्र | २ | ८ | २ | ८ | २ | ८ | २ | ८ | २ | ८ | २ | ८ | १०।३० | | १५ | मरीचि | ३ | ९ | ३ | ९ | ३ | ९ | ३ | ९ | ३ | ९ | ३ | ९ | ११।१५ | | १६ | त्वष्टा | ४ | १० | ४ | १० | ४ | १० | ४ | १० | ४ | १० | ४ | १० | १२।० | | १७ | धाता | ५ | ११ | ५ | ११ | ५ | ११ | ५ | ११ | ५ | ११ | ५ | ११ | १२।४५ | | १८ | शिव | ६ | १२ | ६ | १२ | ६ | १२ | ६ | १२ | ६ | १२ | ६ | १२ | १३।३० | | १९ | रवि | ७ | १ | ७ | १ | ७ | १ | ७ | १ | ७ | १ | ७ | १ | १४।१५ | | २० | यम | ८ | २ | ८ | २ | ८ | २ | ८ | २ | ८ | २ | ८ | २ | १५।० | | २१ | यक्षेश | ९ | ३ | ९ | ३ | ९ | ३ | ९ | ३ | ९ | ३ | ९ | ३ | १५।४५ | | २२ | गंधर्व | १० | ४ | १० | ४ | १० | ४ | १० | ४ | १० | ४ | १० | ४ | १६।३० | | २३ | काल | ११ | ५ | ११ | ५ | ११ | ५ | ११ | ५ | ११ | ५ | ११ | ५ | १७।१५ | | २४ | वरुण | १२ | ६ | १२ | ६ | १२ | ६ | १२ | ६ | १२ | ६ | १२ | ६ | १८।० | | २५ | विष्णु | १ | ७ | १ | ७ | १ | ७ | १ | ७ | १ | ७ | १ | ७ | १८।४५ | | २६ | चन्द्र | २ | ८ | २ | ८ | २ | ८ | २ | ८ | २ | ८ | २ | ८ | १९।३० | | २७ | मरीचि | ३ | ९ | ३ | ९ | ३ | ९ | ३ | ९ | ३ | ९ | ३ | ९ | २०।१५ | | २८ | त्वष्टा | ४ | १० | ४ | १० | ४ | १० | ४ | १० | ४ | १० | ४ | १० | २१।० | | २९ | धाता | ५ | ११ | ५ | ११ | ५ | ११ | ५ | ११ | ५ | ११ | ५ | ११ | २१।४५ | | ३० | शिव | ६ | १२ | ६ | १२ | ६ | १२ | ६ | १२ | ६ | १२ | ६ | १२ | २२।३० | | ३१ | रवि | ७ | १ | ७ | १ | ७ | १ | ७ | १ | ७ | १ | ७ | १ | २३।१५ | | ३२ | यम | ८ | २ | ८ | २ | ८ | २ | ८ | २ | ८ | २ | ८ | २ | २४।० | | ३३ | यक्षेश | ९ | ३ | ९ | ३ | ९ | ३ | ९ | ३ | ९ | ३ | ९ | ३ | २४।४५ | | ३४ | गंधर्व | १० | ४ | १० | ४ | १० | ४ | १० | ४ | १० | ४ | १० | ४ | २५।३० | | ३५ | काल | ११ | ५ | ११ | ५ | ११ | ५ | ११ | ५ | ११ | ५ | ११ | ५ | २६।१५ | | ३६ | वरुण | १२ | ६ | १२ | ६ | १२ | ६ | १२ | ६ | १२ | ६ | १२ | ६ | २७।० | | ३७ | विष्णु | १ | ७ | १ | ७ | १ | ७ | १ | ७ | १ | ७ | १ | ७ | २७।४५ | | ३८ | चन्द्र | २ | ८ | २ | ८ | २ | ८ | २ | ८ | २ | ८ | २ | ८ | २८।३० | | ३९ | मरीचि | ३ | ९ | ३ | ९ | ३ | ९ | ३ | ९ | ३ | ९ | ३ | ९ | २९।१५ | | ४० | त्वष्टा | ४ | १० | ४ | १० | ४ | १० | ४ | १० | ४ | १० | ४ | १० | ३०।० | अथाक्षवेदांशमाह— तथाक्षवेदभागानामधिपाश्चलभे क्रियात्। स्थिरे सिंहाद्द्विस्वभावे चापाद्ब्रह्मेशकेशवाः। ईशाच्युतसुरज्येष्ठविष्णुकेशाश्चरादिषु ।।३०।। चर राशि में मेष से, स्थिर राशि में सिंह से और द्विस्वभाव राशि में धन राशि से गणना करने से अक्षवेदांश के स्वामी होते हैं और चर, स्थिर,