बृहत्पाराशर होरा शास्त्र (महर्षि पराशर - सम्पूर्ण फलित ज्योतिष महाकोश सान्वय सटीक)
Brihat Parashara Hora Shastra of Maharshi Parasara with Commentary
महर्षि पराशर (टीकाकार: पं. गणेशदत्त पाठक / सीताराम झा) द्वारा
पृष्ठ 651, कुल 800 में से
संदर्भ में पढ़ेंअथ लोकयात्राप्रकरणम् । ६४९ शुक्राष्टकवर्गशोधन। | ग्रह | शु. चं. | सू. | बु. बृ. | | | श. | | मं. | | | शु. चं. | | | | :---: | :---: | :---: | :---: | :---: | :---: | :---: | :---: | :---: | :---: | :---: | :---: | :---: | :---: | :---: | | राशि | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ | १ | २ | योग | | | रेखा | ७ | ४ | ४ | ४ | ४ | १ | ३ | ६ | ५ | ४ | ६ | ४ | ५२ | | | त्रि.शो. | ३ | ३ | २ | ० | ० | ० | ० | २ | १ | ३ | ३ | ० | १७ | | | ए.शो. | ० | ३ | २ | ० | ० | ० | ० | १ | १ | ० | ० | ० | ७ | | | रा.गु. | १२ | २० | | | | | | | ११ | | | | ४३ | राशिपि. | | ग्र.गु. | १५ | ३० | | | | | | | ८ | | | | ५३ | ग्र.पिं. | | | | | | | | | | | | | | | | ९६ |
शनेरष्टकवर्गशोधन।
| ग्रह | श. | मं. | शु. चं. | सू. | बु. बृ. | ||||||||
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| राशि | ८ | ९ | १० | ११ | १२ | १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | |
| रेखा | ५ | २ | ५ | १ | ३ | ७ | ३ | ४ | ४ | २ | १ | २ | ३९ |
| त्रि.शो. | २ | ० | ४ | ० | ० | ५ | २ | ३ | १ | ० | ० | १ | १८ |
| ए.शो. | २ | ० | ० | ० | ० | ३ | १ | ० | १ | ० | ० | १ | ८ |
| रा.गु. | १६ | ४ | २० | ||||||||||
| ग्र.गु. | १० | ५ | १५ |
लग्नाष्टकवर्गशोधन।
| ग्रह | मं. | शु. चं. | सू. | बु. बृ. | श. | योग | पिंड | ||||||
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| राशि | १० | ११ | १२ | १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | |
| रेखा | ४ | ४ | ३ | ६ | ३ | ५ | २ | ५ | ५ | ३ | ६ | ३ | ४९ |
| त्रि.शो. | १ | १ | १ | ३ | ० | २ | ० | २ | ३ | ० | ४ | ० | १७ |
| ए.शो. | ० | १ | ० | ० | ० | २ | ० | २ | १ | ० | ४ | ० | १० |
| रा.गु. | ० | ११ | १६ | १० | ३२ | ६९ | |||||||
| ग्र.गु. | ८ | २४ | ३० | २० | ९२ |