भारतकोश
चाणक्य नीति दर्पण (भाषा टीका सहित)

चाणक्य नीति दर्पण (भाषा टीका सहित)

Chanakya Niti Darpan Hindi

आचार्य चाणक्य / कौटिल्य द्वारा

स्रोत: Chanakya Niti Darpan with Shlokas and Hindi Bhasha Tika (उद्गम)

DevanagariHindipublished132 पृष्ठ

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चाणक्यनीतिदर्पणः ३९.

मनुष्यों में नाऊ, पक्षिर्यो में कौआ, चौपायों में स्यार और स्त्रियों में मालिन, ये सब धूर्त होते हैं।॥२१॥

जनिता चोपनेता च यस्तु विद्यां प्रयच्छति ।
अन्नदाता भयत्राता पञ्चैते पितरः स्मृताः ॥२२॥

**दोहा-**पितु आचारज जन्म प्रद, भय रक्षक जो कोय ।
विद्या दाता पाँच यह, मनुज पिता सम होय ॥२२॥

संसार में पिता पाँच प्रकार के होते हैं । ऐसे कि जन्म देने वाला, विद्यादाता, यज्ञोपवीत आदि संस्कार करनेवाला, अन्न देनेवाला और भय से बचानेवाला ॥२२॥

राजपत्नी गुरोः पत्नी मित्र-पत्नी तथैव च ।
पत्नी-माता स्वमाता च पञ्चैता मातरः स्मृताः॥२३॥

**दोहा-**राजतिय औ गुरु तिय, मित्रांतियाहू जान ।
निजमाता और सासु ये, पाँचों मातृ समान ॥२३॥

उसी तरह माता भी पाँच ही तरह की होती हैं । जैसे राजा की पत्नी, गुरु की पत्नी, मित्र की पत्नी, अपनी स्त्री की माता और अपनी खास माता ॥२३॥

इति चाणक्ये पञ्चमोऽध्यायः ॥