चन्दायन (मुल्ला दाऊद - प्राचीनतम अवधी सूफी-प्रेमाख्यान सटीक)
Chandayan of Mulla Daud with Hindi Commentary
मुल्ला दाऊद (१३७९ ई.) / डॉ. परमेश्वरीलाल गुप्त द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंबुनाइ) के लिए प्रसिद्ध था। इससे भी प्रकट होता है कि पट्ट रेशम का कहते थे। 'पालित्तीयरत्नसूर (बारहवीं शती) ने वर्णकभास्करमें वस्त्रोंकी तीन सूचियाँ दी हैं। एक सूची तो सूती वस्त्रोंकी है। दूसरी दो सूचियोंके विषय हैं—पट्टम्बर आदि वस्त्र और देसी पट्ट। इनसे भी स्पष्ट है कि पट्ट सूती वस्त्रोंसे भिन्न सम्भवतः वस्त्र था। पाटके अन्तर्गत पट्टके किस अंगका ग्रहण किया गया है, यह निश्चित रूपसे कहना कठिन है। पाट कदाचित उन रेशमी वस्त्रोंको कहते रहे हों, जिन्हें व्यालित्तीयरत्नने देसी पट्ट-वस्त्र कहा है। किन्तु लोकमें प्रचलित व्यवसाय-बोधक जाति-संज्ञा पटुआ और पटहरा इस बातका संकेत करते हैं कि शास्त्रमें पाट सूती वस्त्रकी संज्ञाके रूपमें ही ग्रहण किया गया रहा होगा। प्रस्तुत प्रसंग भी इसीका समर्थन करता जान पड़ता है। पटोर-पटोल अथवा पटोला नामक वस्त्र आज भी गुजरातमें काफी प्रसिद्ध है। वस्त्रोंके उस स्वरूपको पटोला कहते हैं जिसके सूतको बुननेके पूर्व ही निश्चित डिजाइनके अनुसार बाँधकर पद्धतिसे रंग दिया जाता है। चौदहवीं शतीमें वहां इसका प्रचार साटीके रूपमें काफी हो गया था इसका उल्लेख प्राचीन पाण्डुभाण्डार इण्टनेमें जान पड़ता है (प्राचीन पाण्डु संग्रह ४।१२ पृ० २)। ग्रन्थोंमें इसका उल्लेख पटोल पटोल पट्टोली आदि नामोंमें हुआ है (वर्णक समुच्चय, १८१)। विदेशप्रसार गियाउद्दीन खलजीने भी पट्टोलाका उल्लेख अन्यान्यदेशी विशिष्टोड़ा इवारिधि प्राप्त पाण्डुओंमें किया है (पृ ३७१)। पटोलाका प्राचीनतम स्वरूप मालव्यक पट्टावलम्बक पाठ्यमें मिलता है। वहाँ ठगकी गणना "पट्टोलबन्धादि" के अन्तर्गत हुई है (पृ १६८)। पाण्डवी कृतकी मण्डिका छायामें पट्टाला वेष्ट्या दृश्य बताया गया है (१/७/१६६)। पट्टोलाका अन्य रूपमें श्लथावशेष उल्लेख हुआ है। 'पालित्तीयरत्न रत्नसूरिने इसे देसी पट्टोंके अन्तर्गत रखा है। उन्होंने माण्डने बाँधनेके समयमें पाटर पटोलाका उल्लेख किया है। पाटर पटोला समानार्थी जान पड़ता है। इसके अनुसार पटर पटोलका ही पर्याय ठहरता है। इस प्रकार जान पड़ता है कि ... रेशमी वस्त्रोंकी भाँति ... प्रकारके वस्त्र थे। पाटर-पटोर—स्पष्ट है कि यह पट्टोलाके हमली जान पड़ता है कि पट्ट सूती वस्त्र रहा रेशमी कपड़ा रहता है ये ... पर पाटर १८ क ... पट्टोला ... लिए ... रहा। उल्लेख किया गया।