चन्दायन (मुल्ला दाऊद - प्राचीनतम अवधी सूफी-प्रेमाख्यान सटीक)
Chandayan of Mulla Daud with Hindi Commentary
मुल्ला दाऊद (१३७९ ई.) / डॉ. परमेश्वरीलाल गुप्त द्वारा
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श्री अब्दुर्रज्जाक कुरैशीने काव्यके फारसी शीर्षकोंके पाठ और उनके अनुवाद प्रस्तुत करनेमें मेरी पूरी सहायता तो की ही साथ ही उर्दू-फारसी ग्रन्थोंके आवश्यक सन्दर्भों को प्राप्त करनेमें भी योग दिया। सैयद् हसन अस्करी भी, अपनी प्रति देनेके अतिरिक्त मेरे इस काममें निरन्तर रुचि लेते रहे और जब कभी उन्हें मेरे कामकी कोई चीज नजर आयी उन्होंने तत्काल उससे अवगत किया। उनकी इस कृपाके कारण मुझे बहुत-सी महत्त्वपूर्ण सामग्रीकी जानकारी हो सकी। इन सबका ऋण मेरे ऊपर कम नहीं है। इन सम्बन्धोंके अतिरिक्त सर्व श्री भगवान दास (शास्त्री) किशोरी लाल गुप्त (आजमगढ़) शान्ति स्वरूप (आजमगढ़) गणेश चौबे (मोतिहारी) नर्मदेश्वर चतुर्वेदी (प्रयाग), त्रिलोकी नाथ दीक्षित (लखनऊ) कयुमुद्दीन अहमद (पटना) वेद प्रकाश गुप्त (सहारनपुर), प्रभाकर डांडे (बम्बई) शिवसहाय पाठक (बम्बई) जगदीश चन्द्र जैन (बम्बई) हरिवल्लभ भयाणी (बम्बई) नरेन्द्र शर्मा (बम्बई) व्रजकिशोर (दरभंगा) छगन मेहता (बम्बई) आदि महानुभावोंने इस ग्रन्थकी सामग्री जुटानेमें तरह-तरहकी सहायता दी है। इन सबके प्रति भी मैं अपनी कृतज्ञता प्रकट करता हूँ। पुस्तक की पाण्डुलिपि तैयार हो जाने पर भाई श्रीकृष्णदत्त भट्ट ने उसे आद्योपान्त देखने की कृपा की और महत्त्वपूर्ण सुझाव दिये। इसके लिए मैं उनका अत्यन्त आभारी हूँ। प्रकाशकके रूपमें श्री यशोधर जी मोदीने इसके प्रकाशित करनेमें जो रुचि प्रकट की और उसको शीघ्रातिशीघ्र प्रकाशित करनेकी जो व्यवस्थाकी, उसे मैं भूल नहीं सकता। उसी तत्परतासे ज्ञानमण्डल मुद्रणालयके व्यवस्थापक श्री ओमप्रकाश कपूर ने भी इसके मुद्रणमें योग दिया। इन दोनोंके प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हुए प्रसन्नताका अनुभव करता हूँ। परमेश्वरी लाल गुप्त