भारतकोश
चन्दायन (मुल्ला दाऊद - प्राचीनतम अवधी सूफी-प्रेमाख्यान सटीक)

चन्दायन (मुल्ला दाऊद - प्राचीनतम अवधी सूफी-प्रेमाख्यान सटीक)

Chandayan of Mulla Daud with Hindi Commentary

मुल्ला दाऊद (१३७९ ई.) / डॉ. परमेश्वरीलाल गुप्त द्वारा

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१८ सिरजन छोर बनिज गा, हौं नित गारतौं माँस ॥६ कौन ठाम फिइ भूले, लोरक पूँछी होइ बिनास ॥७ ४०८ ( रीडैंग्स २९ ब ) कैफियते माह माघ ( माघ मासकी अवस्था ) माह माँस निसि परै तुसारू । कँपहि हार डोर बनहारू ॥१ कँपहि दसन नीर चखु झरा । बिरह अँगूठी हींउर धरा ॥२ एफ बिरहँ अरु दुहेतँ तुसारा । मार बिरह यह जीवँ हमारा ॥३ तुम बिनु पात भइस हौं भमी । पुरई वइस भूख दहि गभी ॥४ भर हीउ बहुर बँग साठैं । लेगइ चाँद सुरुज कित पाऊँ ॥५ हेँवत मोहिं पिसारे, बिहि पर कामिनि राखइ ।६ सिरजन मुयउँ तुसार, बेग कहु अहन्त आवइ ॥७ टिप्पणी—(१) माह—माघ । ४०९ ( रीडैंग्स २९ ब ) कैफियते माह फागुन ( फागुन मासकी अवस्था ) फागुन सीठ फागुन फहा । अठर पवन सकति होइ रहा ॥१ भाग सराइउँ ठार मो आवइ । सीठ मरत गिय साइ जियावइ ॥२ घर पर रचहिं दन्डाहर थारी । अति सुहाग यह राजदुलारी ॥३ मुगु बँधाल चरत फाजर पूरहिं । अग माँग मिर चीर सिंदूरहिं ॥४ नापहि फागु इइ झनफाग । विह रस भइ नइ सर्यसारा ॥५ रक्त राइ म अस क, चोलि चीर रवनार ।६ कहु मिरगन तार चैनाँ, भइ होरी जरि छार ॥७ टिप्पणी (७) छार—राख ।