चन्दायन (मुल्ला दाऊद - प्राचीनतम अवधी सूफी-प्रेमाख्यान सटीक)
Chandayan of Mulla Daud with Hindi Commentary
मुल्ला दाऊद (१३७९ ई.) / डॉ. परमेश्वरीलाल गुप्त द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें३१५ पाटन नगर पाइ अँधारा । देखि धौराहर इगुर द्वारा ॥२ गिरसन पन्तर माज पहिगाये । नरियर गावा धार मगाय ॥३ राग गजर पिंर्गजी लिय । सिञ्जन मेंट लार फकें गय ॥४ पूरन गरन लेग दुआरा । प्रनिहार मरि पैठ पारा ॥५ पात जनावहु पीर कएँ, परदेसी एक आयउ ।६ मारत नार धागदर, पैपरी जाइ लगायउ ॥७ टिप्पणी—(२) अँधारा—रस्ता, ... दिया । द्वारा—... ॥ (३) वन्ता—... । माज—पान कर । पहिराव—... । (५) प्रनिहार ... । ५१० ( चित्ररेखा ) .... ( .... ) जिन एक नन नींद मई आई । गय पैठ[रि] पा झाउ लगाई ॥१ दोमन एक पैवर र टारा । फिरिक दुआटम दन्तर फारा ॥२ दर्श बर्शि हाय दणारी । जन कान दूर पहुँची गयी ॥३ अनउ काँप बन्धात नगाउ । आग पुन साथ पहिगयी ॥४ पिग प्रद् गाम अदावन परा । आइ पुरन्तर डा फडा ॥ दहित दहा दिषरागर पाया वाशि दुगन ।६ दिर भाग नै माझ दूगर लगा न तान ॥७ टिप्पणी— .... .... .... .... .... .... .... ....