भारतकोश
चन्दायन (मुल्ला दाऊद - प्राचीनतम अवधी सूफी-प्रेमाख्यान सटीक)

चन्दायन (मुल्ला दाऊद - प्राचीनतम अवधी सूफी-प्रेमाख्यान सटीक)

Chandayan of Mulla Daud with Hindi Commentary

मुल्ला दाऊद (१३७९ ई.) / डॉ. परमेश्वरीलाल गुप्त द्वारा

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१२७ टिप्पणी—(१) मेख--मेष । रासि—राशि । (२) खिरिख—वृष । (३) बिरखिक—वृश्चिक । (५) मंगर—मगल । ४२३ ( रीकेण्ड्स ३ १ ) ऐजन ( वही ) चौथे बुध सुख कछु आवइ । बिहफइ सोइम राज करावइ ॥१ दूसरे मंगर पाँच परवानी । बइठर पाप धरम कर हानि ॥२ छठयें सनीचर देखि मेरावा । केठे अल्लैनै पुनि हाथ आवा ॥३ राहु केतु भइ आयसु दिलामहिं । मिलैं कुटुंब घर दसमैं आपहिं ॥४ ओ न होइ अस भीठ उतारउँ । गुनित टूट तो पोथा फारउँ ॥५ गंग नीर तुम्ह अन्हउब, दाख बेल फर खाब ।६ पाप तुम्ह सब तज लोरक, गंगा सुद्ध नहाय ॥७ टिप्पणी—(१) बिहफइ—बृहस्पति । सोइम—( फारसी—सोयम ) तीसरा । ४२४ ( रीकेण्ड्स ३ ३८ : बम्बइ १७ ) बजियत सितारगान गोयद ( ग्रह अवस्था कहना ) उसिय समो सब सुख पर आयहु' । पवि परना सब दुख अन्दायहु ॥१ राजा चँदर पाट बेंसारा । महत बिरस्पत सुरुज उमारा ॥२ पंद्रह बिसवा धरम जनावइ । पाप पाँच बायें दिसि पावइ' ॥३ अठ बिसवा दस पूषि मखाने । बारह बिसवा मोर बार आन' ॥४ सतरह बिसवाँ कहौं तू मानी' । बिसवाँ दोइ पाप केउ ज्ञानी ॥५