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चन्दायन (मुल्ला दाऊद - प्राचीनतम अवधी सूफी-प्रेमाख्यान सटीक)

चन्दायन (मुल्ला दाऊद - प्राचीनतम अवधी सूफी-प्रेमाख्यान सटीक)

Chandayan of Mulla Daud with Hindi Commentary

मुल्ला दाऊद (१३७९ ई.) / डॉ. परमेश्वरीलाल गुप्त द्वारा

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में ही उसे चन्दायन कहा गया है । किन्तु एशियाटिक सोसाइटी आव बंगाल (कलकत्ता)में संग्रहीत उक्त ग्रन्थकी एक हस्तलिखित प्रति (ग्रन्थ संख्या ११९९) में उसका नाम स्पष्ट रूपसे चंदासन या चन्दायिन दिया हुआ है । चन्दायिन नामसे ही रामपुरवाली पद्मावतकी प्रतिमें इस ग्रन्थका एक कड़वक उद्धृत हुआ है । सर्वोपरि बीकानेर प्रतिमें इसे 'मुसद्दस चन्दायिन' (चन्दायिनकी हस्तलिखित प्रति) कहा गया है । इन सबसे स्पष्ट है कि दाऊदके काव्यका नाम चन्दायिन है और उसे इसी नामसे पुकारा जाना चाहिये ।

रचना-काल

मुन्तख़ाब-उत्तवारीख़में चन्दायिनके सम्बन्धमें जो कुछ कहा गया है उससे केवल इतना ही पता लगता है कि उसकी रचना ७७२ हिजरी (१३७० ई ) के पश्चात् किसी समय हुई थी । अवधके गजेटियरमें बहराइचके प्रसंग में कहा गया है कि फीरोजशाह तुगलकने वहाँ इस्लाम धर्म और विद्याके अध्ययनके लिए एक विद्यालयकी स्थापना की थी । उस विद्यालयकी उपयोगिता इस बातसे प्रकट है कि मुल्ला दाऊद नामक कविने ७१९ हिजरीमें भाषामें 'चन्देनी' नामक ग्रन्थका सम्पादन किया । यह तिथि स्पष्टतः किसीके प्रमादका परिणाम है क्योंकि फीरोजशाहका शासन काल ७५२ और ७९० हिजरीके बीच था । लगता है, प्रेसके भूतने ७७९ का ७१९ कर दिया है । परशुराम चतुर्वेदीने भारतीय हिन्दी परिषद (प्रयाग) से प्रकाशित हिन्दी साहित्य (द्वितीय खण्ड)में लखनऊ विश्वविद्यालयके प्राध्यापक त्रिलोकीनाथ दीक्षित से प्राप्त चन्दायिनके चार यमक उद्धृत किये हैं । उनमेंसे एक यमकमें उसकी रचनाकी तिथि इस प्रकार कही गयी है:— बरस सात सौ हुवै अघ्यासी । कहिया यह कबि सरस अभासी ॥१ हमारे पूछताछ करनेपर त्रिलोकीनाथ दीक्षितने सूचित किया कि उपर्युक्त यमक किसी उपलब्ध प्रतिका अंश नहीं है वरन् चन्दायिनके कुछ अंश किसी सज्जनको कण्ठस्थ थे, उन्होंने उन्होंने इसे नोट कर लिया था । इस प्रकार यह पाठ मौखिक परम्परासे प्राप्त है । इसके अनुसार चन्दायिनकी रचना ७७९ हिजरी (१ मई १३७७- ३ अप्रैल १३७८ ई ) में हुई थी । सम्भवतः इसी प्रकारकी किसी मौखिक परम्पराके आधारपर गजेटियरकारोंने अपनी तिथि दी होगी । किन्तु इस तिथिसे भिन्न तिथि बीकानेर प्रतिमें पायी जाती है । उसमें उपर्युक्त यमक इस प्रकार है :— बरस सात सै होय एकासी । तिहिं आह कबि मरमड भासी ॥ इसके अनुसार चन्दायिन की रचना ७७९ हिजरीमें नहीं वरन् दो वर्ष पश्चात् ७८१ हिजरी (१९ अप्रैल १३७९-७ अप्रैल १३८० ई ) में हुई थी ।

१. १ ३५ परिशिष्ट १ ।

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