चन्दायन (मुल्ला दाऊद - प्राचीनतम अवधी सूफी-प्रेमाख्यान सटीक)
Chandayan of Mulla Daud with Hindi Commentary
मुल्ला दाऊद (१३७९ ई.) / डॉ. परमेश्वरीलाल गुप्त द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें१६ बुलाया और उसपर अपना प्रेम प्रकट किया और अपने साथ किसी दूसरे देश भाग चलनेको कहा। लोरकने अपनी पत्नीके पतिव्रत और सौंदर्यकी चर्चा करते हुए उसे छोड़कर चलनेमें अपनी असमर्थता प्रकट की। उसने राजकुमारी-वैभव और अपनी दरिद्रता की तुलना करके अपनेको सर्वथा अयोग्य सिद्ध करनेकी भी चेष्टा की। पर चाँदा न मानी। उसने नाना प्रकारकी बातें करके लोरकको अपने साथ भाग चलनेको राजी कर ही लिया। तदनुसार दोनों प्रेमी नगर छोड़कर भाग गये। राजाने जब यह समाचार सुना तो वह बहुत हँसा। उसने एक दिन मैनाको अपनी अट्टालिकापर खड़ा देखा था। तभीसे वह उसके प्रति आसक्त हो रहा था। उसने सोचा कि अच्छा हुआ कि लोरक भाग गया अब मैनाको प्राप्त करनेका अच्छा अवसर है। फलतः एक चतुर कुटनीको बुला भेजा और मैनाको छह मासके भीतर वशमें करके अपने सामने उपस्थित करनेको कहा। कुटनीने इस कामको करना प्रसन्नतापूर्वक स्वीकार किया। तदनन्तर वह कुटनी रोती हुई मैनाके पास पहुँची और बोली—मैने तुझे बचपनमें दो बरस तक दूध पिलाया था। अब मेरे कोई नहीं रहा। इसलिए तुम्हारे पास आयी हूँ। मैनाने यह सुनकर उसके पाँव छुए और कहा—मेरा जो प्राण प्यारा पति था वह छोड़कर चला गया। नाते रिश्तेके लोग भी नहीं हैं मैं भी अकेली हूँ। अच्छा हुआ जो तुम आ गयीं। कुटनी यह सुनते ही कि लोरक मैनाको छोड़कर भाग गया है फूट-फूटकर रोने और लोरकको कोसने लगी। मैनासे कुटनीका कोसना सुना न गया। बोली—उन्हें बुरा भला मत कहो। वे मेरे साजन हैं। कुटनीने कहा—तू अभी पन्द्रह बरस की है। तू बड़ी नादान है। अभी तो तेरे खाने पीने और आनन्द करनेके दिन हैं। लोरक ठहरा मूर्ख गँवार। वह हीरा क्या परखना जाने। तू घबरा मत। मैं तेरे लिए दूसरा रूपवन्त लाऊँगी। यह सुनते ही मैनाके तनमें आग लग गयी। कुटनीसे बोली—तू तो बदनामी कराने वाली बात कर रही है। स्त्रीको अपना सत बनाये रखना चाहिये। इच्छाओं और वासनाओंको दबाना अपने हाथमें है। कुटनी बोली—मैने तुझे दूध पिलाया था। अगर तेरे माँ-बाप होते तो आज वे मेरी कद्र करते। दुनियामे बूढ़ोंकी अक्लसे काम लेना चाहिए न कि उनपर गुस्सा करना चाहिए। सिकन्दर जब यात्रापर निकला था तो वह अपने साथ बूढ़ोंको ले गया था। उसने उन्हींकी अक्लसे संसार जीता। मुझे क्या करना है। तेरा पति अगर चाँदाको लेकर आया तो तेरे सर सौत आ बैठेगी। वह तुझे दासी बनावेगी और दिन रात लड़ाई करेगी। फिर कुटनीने दृष्टान्त देते हुए कहा—किसी नगरमें एक विद्यार्थी था। उसके