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चन्दायन (मुल्ला दाऊद - प्राचीनतम अवधी सूफी-प्रेमाख्यान सटीक)

चन्दायन (मुल्ला दाऊद - प्राचीनतम अवधी सूफी-प्रेमाख्यान सटीक)

Chandayan of Mulla Daud with Hindi Commentary

मुल्ला दाऊद (१३७९ ई.) / डॉ. परमेश्वरीलाल गुप्त द्वारा

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३६७ दिया। माहिलने तत्काल साठ हजार सेना तैयारकी और वहाँ जा पहुँचा, जहाँ लोरिकका पड़ाव पड़ा था। दोनों पक्षोंमें खूब घमासान युद्ध हुआ। अन्तमें बामदेव पराजित हुआ और वह लोरिकके चरणोंमें गिर पड़ा। लोरिकने क्रुद्ध होकर उसके कान काट लिये। बामदेव हाथ जोड़कर अनुनय करने लगा—मेरी जान मत लीजिये। तब लोरिकने उसे जीवित छोड़ दिया और हाथ-पैर बाँधकर उसे बारातके साथ सुपौली ले चला। इस प्रकार पराजित होकर बामदेवने सँवरूका विवाह मदा सिनके साथ कर दिया। बाराती वर-वधूके साथ गौरा वापस लौट आये। × × × अगोरिया नगरमें मञ्भगित नामक दुसाध जातिका राजा राज करता था। उसने इस बातकी घोषणा कर रखी थी कि राज्यमें जिस किसीकी भी लड़की सुन्दर होगी उससे मैं विवाह करूँगा। चमारोंको उसने आदेश दे रखा था कि जिस किसीके यहाँ लड़की जन्म ले, उसकी सूचना उसे तत्काल दी जाय। उसके राज्यमें एक महरा मनिधार रहते थे। उनके यहाँ भादोंकी अष्टमीको उनकी पत्नी पद्मावती कोखसे एक लड़कीने जन्म लिया। उसका नाम उन्होंने मंजरी रखा। बरही होनेके पश्चात् नाल काटने आयी हुई भगहिन (चमारिन) जब अपने घर जाने लगी तो पद्माने उसे सब प्रकारसे सन्तुष्ट कर अनुरोध किया कि मेरे लड़की होनेकी बात किसीसे मत कहना। राजा मञ्भगितको अगर यह सूचना मिलेगी तो वह तत्काल मेरी बेटीको मँगा भेजेगा। चमारिनने उस समय तो 'हाँ' कर दिया पर घर पहुँचते ही उसने अपने पतिसे पद्माके लड़की होनेकी बात कह दी और यह भी कहा कि उन्होंने यह बात किसीसे बतानेसे मना किया है। सुनकर चमार बोला—इस बातको तुम दो-चार महीने भले ही छिपा लो किन्तु जिस दिन बच्ची घरसे बाहर निकलेगी उस दिन तो राजाको उसकी सूचना मिल ही जायेगी। और तब वह मुझे बुलाकर पूछेगा। उस समय तुम क्या उत्तर दोगी? तुम्हारे तो दुदण्ड होगी ही, मेरी भी जान जायेगी। अन्ततः उसने तत्काल राजाको सूचना दे दी कि महराके घर लड़की हुई है। राजाने समाचार पाते ही लड़की लानेके लिए सिपाही भेजा। सिपाही द्वारा आदेश सुन कर महरा स्वयं मञ्भगितके दरबारमें पहुँचे और सिपाही भेजनेका कारण पूछा। राजाने जब बताया कि तुम्हारी लड़की लानेके लिए सिपाही गया था तो महराने पूछा—यदि मैं अपनी बेटी अभी आपके पास भेज दूँ तो आप उसके देखभारणकी व्यवस्था किस प्रकार करेंगे। राजाने उत्तर दिया—मैं उसे अपनी रानीका दूध पिलाकर रखूँगा। बड़ी हो जायगी तब मैं उससे विवाह कर लूँगा।