चन्दायन (मुल्ला दाऊद - प्राचीनतम अवधी सूफी-प्रेमाख्यान सटीक)
Chandayan of Mulla Daud with Hindi Commentary
मुल्ला दाऊद (१३७९ ई.) / डॉ. परमेश्वरीलाल गुप्त द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें३३४ हमारे गाँवकी प्रजा है। उसके बेटेसे तुम विवाह करना चाहती हो। तुम हमारा सिर नीचा करनेपर तुली हो। चन्दाने उत्तर दिया—यदि तुम अपनी प्रतिष्ठा बनाये रखना चाहती हो तो पितासे कहो कि इसी लग्नमें और इसी बारातके साथ कूबके लड़केके साथ मेरा विवाह कर दें। यदि वे हमारा कहना नहीं मानते तो मैं गाँवके दक्षिण डेरा डाल दूँगी। पश्चिमसे सुगल पठान आयेंगे और पूर्वसे विदेशी उन्होंके साथ मैं गौरामें अपनी मर्यादा खोटूँगी। और तब पिताजी का सिर सारे संसारमें ऊँचा होगा। यह सुनकर रानीने माथा ठोंक लिया और रोने लगी। महलमें रहकर चन्दाकी सारी बातें उन्होंने लिखकर उसके पिताको सूचित किया और अनुरोध किया कि लोरिकसे उसका विवाह कर दें। दासी पत्र लेकर राजाके पास दरबारमें पहुँची। उसे पढ़कर राजा सहदेव बहुत दुःखी हुए और सोचने लगे—कूब हमारी प्रजा है और सेंबरू मेरा शत्रु। उसके बेटेसे चन्दा विवाह करना चाहती है। शत्रुके सामने मेरा सिर झुक जायेगा। जो कल तक मेरी प्रजा और शत्रु था वही कल मेरा समधी होगा। फिर कुछ सोच समझ कर उन्होंने सेंबरूके नाम पत्र लिखा—जितना तिलक अगोरीबाबाके चढ़ा गये हैं उसका दूना मैं तिलक दूँगा। दो चार सौ गाँव दहेजमें दूँगा। तुम दूर न जाकर लोरिकका विवाह मेरी बेटी चन्दाके साथ कर लो। पत्र पढ़कर कूब जलकर राख हो गया और पत्रको फाड़ डाला। बोला— आज तक इसी गाँवमें मेरा बेटा कुँभारा था और उसकी बेटी भी कुँबारी थी लेकिन कभी कहा नहीं। आज जब हम ब्याहने चले तो तिलक चढ़ानेको कहते हैं। दूर देशसे एक मार्ग आकर तिलक चढ़ा गया है। पता नहीं कहाँ कहाँसे सामान जुटाकर उसने सारी व्यवस्थाकी होगी। यदि हम यहाँ गौरामें ब्याह कर लें तो उसकी सारी व्यवस्था का क्या होगा ! उसके सारे अरमान नष्ट हो जायेंगे और भगवान् हमें अपराधी ठहरायेगा। अभी तो मैं विवाह करने अगोरीका जा रहा हूँ। वहाँसे लौटनेके बाद अगर सहदेव चन्दासे विवाह करना चाहे तो मैं तैयार हूँ। यह सुनकर सहदेवका बेटा महादेव बहुत क्रुद्ध हुआ। तुरन्त घोड़ेपर सवार होकर गंगापे किनारे पहुँचा और मल्लाहोंको सब यराकी सभी नावोंको डुबा देनेका आदेश दिया। अगर सभी नाव डुबा दी गयीं तो वह मल्लाहोंसे बोला— गौरामें कूब की बारात आ रही है। वह तुमसे पार उतारनेको कहे तो हरगिज मत पार उतारना। जो पार उतारनेम मदद करेगा उसे कठोर दण्ड दिया जायेगा। बारात जब नदीके किनारे पहुँची तो उन लोगोंने देखा कि सभी नावें लगाये डूबी गई हैं और नाव चलानेवाले किनारेपर चुपचाप बैठे हैं। यह स्थिति देखकर सेंबरूने गगान किनार उग झाडूको उखाड़ कर टाटरियाँ बनायीं और उन दोवरियोंमें अपना सारा सामान ठीक ठिकानेसे रख दिया और उनके बीचमें कूबका डेरा दिया