चन्दायन (मुल्ला दाऊद - प्राचीनतम अवधी सूफी-प्रेमाख्यान सटीक)
Chandayan of Mulla Daud with Hindi Commentary
मुल्ला दाऊद (१३७९ ई.) / डॉ. परमेश्वरीलाल गुप्त द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें५ सन्तोष नहीं है। अक्सर यत्र-तत्र काईकी काफी मोटी तह जमी हुई है। बार बार खुरच-मलनेसे ही मूल शब्द अथवा उत्तम पाठतक पहुँचा जा सकता है। उपक्रममें प्रूफ देखते समय पाठक बहुत से उत्तम रूप पकड़में आय और उनके अनुसार यथास्थान संशोधन-परिवर्तन किये गये। कुछ पाठ-दोष मुद्रणके पश्चात् कानमें आये और यत्र-तत्र मुद्रण-दोष भी प्रतीत हुए। ऐसे दोषोंका परिमार्जन यहाँ किया जा रहा है— पंक्ति मुद्रित उचित पंक्ति मुद्रित उचित १२।६ संस्वर संस्कारक ७१।४ दिर फिरि १८।६ सस्कार संसार ७१।७ दिवस देवत २।११ देव देठ ७३।४ तिहवों तहवों २।१७ भोर लौर ८।२ के भिप २६।२ भागर सागर ८०।३ पिरिधर्म पिरिधर्मी ३।४ बनानी बिनानी ८४।१ कूँक फूँकू ३१।४ बनानी बिनानी ८४।४ भी भिय ३१।७ देव दठ ८६।७ गोबर गोबर ३२।४ भी भिय ८८।५ उपाने उपाये ३३।७ और अउर ८८। यान गये ३३।७ नम्बर नखत ८।१२ सदवों तहवों ३४।७ गबरू गंभारप १९।४ वनि पवन ४।१ रात राति ३।२ सड़क झनक ४।१२ अठनारा अठवारा ३।७ गुन गन ४।४ उकाने फकाने १३।७ गबरू गंभारप ४४।१ भैंस भैंस ९।१ सुभन सान ४७।६ प के ९।१३ गाय माइ ४८।४ भी भिय ९।८ भींग भीजत ४।७ अधरख अधरोष्ठ १।५४ बिराइ बिपादि ४।५ क दे ता के तारे २। धानि पानि ७।१० सुराजन निराजन १६। भी भिर ७।४ सुराजन निराजन ६।३ दुर्गम पुर्मांद ७।१९ सुराजन निराजन १।८ परगसिह फर्रांद ७२। जिनु जैन २।४ गइ काइ ७३।७ बेन बरन १९८।४ लय बाबा लय बावा ६८।७ शिए शिष्ट ३७ ह्वार द्वार ६।४ शेन — ४,५ — —