छान्दोग्योपनिषद् (शाङ्करभाष्य सहित)
Chandogya Upanishad with Shankara Bhashya
आदि शङ्कराचार्य द्वारा
स्रोत: Gita Press Gorakhpur · Gita Press, Gorakhpur (उद्गम)
पृष्ठ 23, कुल 978 में से
संदर्भ में पढ़ें( १९ )
त्रयोदश खण्ड
२१३. लवणके दृष्टान्तद्वारा उपदेश ... .... ६८०
चतुर्दश खण्ड
२१४. अन्यत्रसे लाये हुए पुरुषके दृष्टान्तद्वारा उपदेश ... ... ६८५
पञ्चदश खण्ड
२१५. मुमूर्षु पुरुषके दृष्टान्तद्वारा उपदेश .... ... ६९४
षोडश खण्ड
२१६. चोरके तप्त परशुग्रहणके दृष्टान्तद्वारा उपदेश .... ... ६९८
सप्तम अध्याय
प्रथम खण्ड
२१७. नारदके प्रति सनत्कुमारका उपदेश ... ... ७१०
द्वितीय खण्ड
२१८. नामकी अपेक्षा वाक्की महत्ता ... ... ७२१
तृतीय खण्ड
२१९. वाक्की अपेक्षा मनकी श्रेष्ठता ... .... ७२४
चतुर्थ खण्ड
२२०. मनसे संकल्पकी श्रेष्ठता ... ... ७२७
पञ्चम खण्ड
२२१. संकल्पकी अपेक्षा चित्तकी प्रधानता .... ... ७३४
षष्ठ खण्ड
२२२. चित्तकी अपेक्षा ध्यानका महत्त्व ... .... ७३८
सप्तम खण्ड
२२३. ध्यानसे विज्ञानकी महत्ता .... .... ७४२
अष्टम खण्ड
२२४. विज्ञानसे बलकी श्रेष्ठता ... ... ७४५
नवम खण्ड
२२५. बलकी अपेक्षा अन्नकी प्रधानता .... .... ७४९
दशम खण्ड
२२६. अन्नकी अपेक्षा जलका महत्त्व .... .... ७५२
एकादश खण्ड
२२७. जलकी अपेक्षा तेजकी प्रधानता ... .... ७५५
द्वादश खण्ड
२२८. तेजसे आकाशकी प्रधानता .... .... ७५८