छान्दोग्योपनिषद् (शाङ्करभाष्य सहित)

छान्दोग्योपनिषद् (शाङ्करभाष्य सहित)
Chandogya Upanishad with Shankara Bhashya
आदि शङ्कराचार्य द्वारा
स्रोत: Gita Press Gorakhpur · Gita Press, Gorakhpur (उद्गम)
DevanagariSanskritpublished978 पृष्ठ
पृष्ठ 752, कुल 978 में से
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| ७४८ | छान्दोग्योपनिषद् | [ अध्याय ७ |
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वह जो कि बलकी 'यह ब्रह्म है' ऐसी उपासना करता है, उसकी जहाँतक बलकी गति है, स्वेच्छागति हो जाती है, जो कि बलकी 'यह ब्रह्म है' इस प्रकार उपासना करता है । [ नारद— ] 'भगवन् ! क्या बलसे भी उत्कृष्ट कुछ है ?' [ सनत्कुमार— ] बलसे उत्कृष्ट भी है ही।' [ नारद— ] 'भगवान् मेरे प्रति उसीका वर्णन करें' ॥ २ ॥
इतिच्छान्दोग्योपनिषदि सप्तमाध्याये-
ऽष्टमखण्डभाष्यं सम्पूर्णम् ॥ ८ ॥