चरक संहिता (द्वितीय भाग: चिकित्सा, कल्प व सिद्धि स्थान)
Charaka Samhita Part 2 with Hindi Translation
महर्षि चरक व दृढ़बल द्वारा
स्रोत: चौखम्बा विद्याभवन · चौखम्बा विद्याभवन (उद्गम)
पृष्ठ 179, कुल 616 में से
संदर्भ में पढ़ेंअ० ७ ] इन्द्रियस्थानम् १६५ शुद्धवैदूर्यविमला सुस्निग्धा चाम्भसी मता । स्थिरा स्निग्धा घना श्लक्ष्णा श्यामा श्वेता च पार्थिवी ॥१२॥ वायवी गर्हिता त्वासा चतस्रः स्युः शुभोदयाः । वायवी तु विनाशाय क्लेशाय महतेऽपि वा ॥ १३ ॥ छाया—वर्ण प्रभा के साथ रहती है । आकाश आदि पाच महाभूतों के अनुसार छाया भी पाच प्रकार की होती है, क्योंकि शरीर भी पाच महाभूतों से मिल कर बना है । इसलिये इन महाभूतों की छाया भी पाच प्रकार की पड़ती है । इनमें आकाश की छाया निर्मल, नीली, स्नेह और प्रभा (कान्ति) से युक्त होती है । वायु की छाया रूक्ष, श्याम, लाल और कान्तिहीन होती है । अग्नि की छाया शुद्ध लाल, दीप्त कान्ति, देखने मे आखों को प्रिय और जल की छाया शुद्ध वैदूर्य के समान साफ, निर्मल, स्निग्ध होती है । पृथिवी की छाया स्थिर, स्निग्ध, घन, श्लक्ष्ण, श्याम ( सावली ) काली और श्वेत होती है । इनमें वायवी छाया निन्दित, नाशकारक और अत्यन्त कष्टदायक होती है । शेष चार छायाए सुखदायक होती हैं ॥ ६-१३ ॥ स्यात्तैजसी प्रभा सर्वा सा तु सप्तविधा स्मृता । रक्ता पीता सिता श्यावा हरिता पाण्डुराऽसिता ॥ १४ ॥ तासा याः स्युर्विकासिन्यः स्निग्धाश्च विपुलाश्च याः । ताः शुभा रूक्षमलिनाः संक्षिप्ताश्चाशुभोदयाः ॥ १५ ॥ वर्णमाक्रामति च्छाया भास्तु वर्णप्रकाशिनी । आसन्ना लक्ष्यते छाया भाः प्रकृष्टा प्रकाशते ॥ ॥ १६ ॥ नाच्छायो नाप्रभः कश्चिद्विशेषाञ्चिह्वयन्ति तु । नॄणां शुभाशुभोत्पत्ति काले छायाः प्रभाश्रयाः ॥ १७ ॥ प्रभा के सात प्रकार—सब प्रकार की प्रभाए तैजस हैं । यह प्रभा सात प्रकार की हैं । यथा-लाल, पीली, श्वेत, काली, हरी, पाण्डुर ( धूसर ) और असित ( एकदम काली ) । इनमें जो प्रभा विकासिनी ( फैलने वाली ), स्निग्ध, और बड़ी हो, वे सब शुभ फलदायक हैं। जो रूक्ष मलिन और सक्षिप्त ( सकुचित ) हैं ये सब अशुभ फल दायक है । छाया—छाया से अक्रान्त होने पर वर्ण उपलब्ध नहीं होता । प्रभा वर्ण को प्रकाशित करती है । छाया समीप से देखी जाती है [ यथा चित्र की छाया समीप से दीखती है ], प्रभा दूर से खूब चमकती है [ यथा, मणि, मुक्ता आदि की प्रभा दूर से दीखती है ] । कोई भी मनुष्य एकाएक छायाहीन या