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छत्रपति संभाजी महाराज (धर्मवीर स्वराज्य-रक्षक एवं मुग़ल-प्रतिरोध सम्पूर्ण इतिहास)

छत्रपति संभाजी महाराज (धर्मवीर स्वराज्य-रक्षक एवं मुग़ल-प्रतिरोध सम्पूर्ण इतिहास)

Chhatrapati Sambhaji Maharaj Comprehensive Historical Biography

कमल गोखले / ऐतिहासिक शोध मण्डल द्वारा

DevanagariHindipublished793 पृष्ठ

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भाई साहब राजा के राज्यारोहण समारोह में आप रायगढ़ अवश्य पधारें। " येसूबाई पर नफरत भरी नजरों से देखते हुए गणोजी ने पूछा- "किसलिए ? आपके माथे पर झूलने वाले राजपद् के चँवर को देखने और अपने माथे पर अपमान और उपेक्षा का ईंट-पत्थर झेलने के लिए।" तीन शिवाजी महाराज के महानिर्वाण को दो महीने बीत चुके थे। अब अधिक समय राजधानी से बाहर रहना उचित नहीं था। कविराज भी सुझाव दे रहे थे-'महाराज को अधिक समय तक राजधानी से बाहर नहीं रहना चाहिए।' सारे अनिष्ट दूर हो गये हैं। गढ़ पर रसद पहुँचाने की योजना निश्चित हो गयी। उसी समय शम्भूराजा अपनी सेना के साथ कराड के रास्ते से रायगढ़ की ओर निकले । मार्ग में प्रतापगढ़ की भवानी का शम्भूराजा ने दूध-दही से अभिषेक किया। भवानी मन्दिर से चलकर महाराज एक बुर्ज के ऊपर खड़े हो गये। वहाँ से उन्हें सह्याद्रि की हरी भरी पहाड़ियों के दर्शन हुए। घने वृक्षों की पंक्तियाँ कहीं समानान्तर कहीं वक्र तो कहीं अर्धवर्तुलाकार दिखाई दे रही थीं। पंचमी को झिम्मा खेलने वाली सहेलियों की तरह वे एक-दूसरे के गले मिल रही थीं। नीचे की ओर सह्याद्रि की खंडित चोटियाँ और ढलानें दिखाई दे रही थीं। आसमान एकदम स्वच्छ था। इसलिए साठ सत्तर मील की दूरी पर रायगढ़ के भवानी मन्दिर का कलश स्पष्ट रूप से दिखाई पड़ रहा था। महाराज ने दाहिनी ओर महाबलेश्वर की चोटियों पर दृष्टि डाली। चैतमास के नये पल्लवों की हरी सजावट से सारा वन प्रदेश सज गया था। सौभाग्य से आन्तरिक विद्रोह की आग कुछ समय के लिए बुझ गयी थी। हंबीरराव की प्रभावी भूमिका के कारण सभी सेनाधिकारी और पूरी सेना संभाजी के साथ हो गये थे। रायगढ़ की जनता ने सरदार मालसावन्त को कैद कर लिया था। राज्य के सारे सूत्र शम्भूराजा की मुट्ठी में आ गये थे। एक बार जिम्मेदारी का बोझ सिर पर आ जाता है तो व्यक्ति श्रद्धालु और संवेदनशील बन जाता है। मार्ग में आते हुए शम्भूराजा कोरटी के सदानन्द और मल्हार गोसावी से मिले जैसे सन्त पुरुषों से मिले। उन्होंने उनका आशीर्वाद लिया। उनके मठों एवं अन्य धार्मिक कार्यों के लिए 202 :. सम्भाजी

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