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छत्रपति संभाजी महाराज (धर्मवीर स्वराज्य-रक्षक एवं मुग़ल-प्रतिरोध सम्पूर्ण इतिहास)

छत्रपति संभाजी महाराज (धर्मवीर स्वराज्य-रक्षक एवं मुग़ल-प्रतिरोध सम्पूर्ण इतिहास)

Chhatrapati Sambhaji Maharaj Comprehensive Historical Biography

कमल गोखले / ऐतिहासिक शोध मण्डल द्वारा

DevanagariHindipublished793 पृष्ठ

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नहीं। हमारे लोगों ने जब पहले आवजी को पकड़ा तो बालाजी पन्त अपने बच्चे को सीने से लगाकर जोर-जोर से चिल्लाने लगे—'पहले मुझ पर हाथी चढ़ाइए फिर मेरे बच्चे को हाथ लगाइए।' राजा के पास पत्र पहुँचा कि नहीं? ऐसा भी कुछ बड़बड़ा रहे थे। ऐसी स्थिति में दंड देने का काम रोककर कविराज और दादाजी देशपांडे ने हमारे पास एक घुड़सवार भेजा। उस समय हमारी स्थिति बड़ी मोचनीय थी। उन बाप बेटों को छोड़ देते तो सभी को दंड से मुक्त करना पड़ता इसीलिए मैंने आदेश भेजा कि जो भी दोषी हैं उन सब को मृत्यु दंड दे दो। ऐसा मुझे विवशता में करना पड़ा।" जैसे-तैसे करके वह काली रात बीती। प्रात होते ही सुदूर की यात्रा करके महल में एक हरकारा आया। वह यमदूत की तरह काला और भयावना था। शम्भूराजा ने उसके हाथ का लिफाफा खोला। उनकी दृष्टि मोती जैसे सुन्दर अक्षरों पर गयी। उन्हें गहरा धक्का लगा। उनका चेहरा काला पड़ गया। पश्चाताप, उद्वेग और भय से उनके भीतर आग लग गयी। 'येसू! येसू!' कहकर वे जोर-जोर से चिल्लाने लगे। येसूबाई डर गयीं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में पूछा— "क्यों, क्या हुआ, स्वामी?" "यह देखिए?" "यह तो चिटणीसजी का हस्तलेख है।" राजा की मुखमुद्रा ऐसी हो गयी जैसे लाल रंग में कालिख मिल गया हो। उनकी आँखें डबडबा आयीं। उन्होंने चिल्लाकर कहा, "येसूऽऽ यह पत्र हमें पन्हालगढ़ पर मिलता उसके पहले ही हम गद्दारों को दंड देने के लिए सुधागढ़ पाली के लिए दौड़ पड़े थे। यह चिटणीस का लिखा पत्र पन्हालगढ़ पर ही रह गया। यह पत्र मेरे पास क्यों नहीं पहुँचा? क्या मैं सचमुच इतना अभागा हूँ?" "परन्तु महाराज हुआ क्या?" "युवराज्ञी यह पत्र पढ़िए। आपके पैरों के नीचे की जमीन खिसक जाएगी।" येसूबाई ने डरते हुए उस पत्र को पढ़ा— "क्षत्रिय कुलावतंस श्री राजा शम्भू छत्रपति को प्रभुकुलोत्पन्न बालाजी आवजी चिटणीस का अभिवादन। आप पन्हालगढ़ चले गये और आपके पीछे यहाँ अनेक षड्यन्त्र हुए। आपके दरबार के लोगों ने फिर से वही कारनामा आरम्भ कर दिया है। आपको गद्दी से उतारकर चिरंजीव राजाराम साहब को नामधारी राजा बनाने की उनकी योजना है। पाली जाकर औरंगजेब के लड़के के साथ साँठ-गाँठ करेंगे। शहजादे की संगति शस्त्र-बल प्राप्त करके स्वामी को राजगद्दी से उतार देने की उनकी साजिश सम्भाजी :: 297