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छत्रपति संभाजी महाराज (धर्मवीर स्वराज्य-रक्षक एवं मुग़ल-प्रतिरोध सम्पूर्ण इतिहास)

छत्रपति संभाजी महाराज (धर्मवीर स्वराज्य-रक्षक एवं मुग़ल-प्रतिरोध सम्पूर्ण इतिहास)

Chhatrapati Sambhaji Maharaj Comprehensive Historical Biography

कमल गोखले / ऐतिहासिक शोध मण्डल द्वारा

DevanagariHindipublished793 पृष्ठ

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बुद्धिमान शासक अपने शत्रु से अन्धे होकर भिड़ते हैं किन्तु वही शासक अपने कर्मचारियों से शत्रुता मोल लेना टालते हैं। इसलिए जरा सँभलकर...'' बालाजी पन्त जैसे अनुभवी व्यक्ति ने ऐसी सलाह दी तो शम्भूराजा शर्मिन्दा हो गये। यह देखकर चिटणीस उनके पास सरक आये। प्यार से शम्भूराजा का हाथ अपने हाथ में लेकर बोले, "युवराज! आपको हतोत्साह करने का मेरा उद्देश्य एकदम नहीं था। पर क्या किया जाय? यह दुनिया ही उल्टी है। योद्धाओं का रणभूमि में गिरा रक्त वर्षा की हल्की बौछार से धुल जाता है किन्तु लिपिकों द्वारा कागज पर गिराई गयी स्याही, लिखी गयी बातें, विशेष रूप से गुप्त बातें, अनेक पीढ़ियों के लिए जानलेवा बन सकती हैं। यह खतरा अपने आप क्यों निमन्त्रित करते हैं?" सम्भाजी :: 43

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