छत्रपति संभाजी महाराज (धर्मवीर स्वराज्य-रक्षक एवं मुग़ल-प्रतिरोध सम्पूर्ण इतिहास)
Chhatrapati Sambhaji Maharaj Comprehensive Historical Biography
कमल गोखले / ऐतिहासिक शोध मण्डल द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंचाइल्ड और वॉर्ड को भी इसकी जानकारी है। महाराज हम आपसे विनती करते हैं—प्रार्थना करते हैं—" महाराज कुछ समय के लिए चुप हो गये। फिर उन्होंने रुष्ट होकर स्मिथ से कहा, "हमसे कैसी प्रार्थना? आपके स्वामी तो सिद्दी हैं जो जंजीरे पर बैठे हैं। उन्हीं के चरणों पर अपना माथा टेक दो।" "सिद्दी के पास जाकर हम क्या करेंगे? वहाँ तो सिर्फ पत्थर ही पत्थर है। धन धान्य और रसद की फसल तो आपके स्वराज्य में ही पकती है।" "फिर भी, ये सिद्दी हमारे ही बच्चों को उठा ले जाते हैं और आप उन्हें ऊँची कीमत पर खरीदते हैं। इतने पर भी आप समझौते के लिए हमारे पास आने हैं?" "माफ करें हुजूर, भविष्य में ऐसी कोई भूल हमसे नहीं होगी। हम सिद्दियों की कोई सहायता नहीं करेंगे।" "हम भी आक्रमण कहाँ करना चाहते हैं?" कवि कलश की ओर संकेत करते हुए महाराज ने कहा। "ऐसा कैसे हो सकता है? आपने थाना की खाड़ी से ही अपनी फौजें लगा दी हैं। शिव बन्दरगाह पर अधिकार कर लिया है। इससे हमारे साहब लोग बहुत घबरा गये हैं। सूरत के अँग्रेजों का भी हमारे साहबों पर दबाव बढ़ रहा है। वे भी आग्रह कर रहे हैं कि शम्भू महाराज से समझौता करो। हमें अरबों से भी कठिनाई हो रही है।" स्मिथ ने कहा। "मैंने भी सुना है कि उन्होंने आपके 'प्रेसिडेंट' या ऐसे ही किसी जहाज को डुबाने का प्रयास किया था।" महाराज की बात सुनते ही स्मिथ और रामचन्द्र शेणवी हँसने लगे। किन्तु महाराज चकित हुए। स्मिथ ने कहा, "सम्भाजी महाराज, जिस समय उस जंगेखान ने हमारे शक्तिशाली जहाज को डुबोने का प्रयास किया था उस समय आपने ही उसकी सहायता की थी। यह बात हमें मालूम है।" वकील की बात सुनकर महाराज और कवि कलश को हँसी आयी। किन्तु तत्काल स्मिथ ने कहा, "महाराज अब हमारी अधिक परीक्षा न लेकर मुम्बई के चारों ओर फैली अपनी जहाजों को पीछे हटा लें। समझौता आपके अनुसार होगा। हम अपनी गोदियों में केवल व्यापार करते हुए बैठे रहेंगे। हमारे कमिश्नर ने भी हमें ऐसी ही हिदायत दी है।" चर्चा समाप्त हो गयी। महाराज ने कोई स्पष्ट निर्णय नहीं सुनाया। उन्होंने स्मिथ को फटकारते हुए कहा, "हमारे निर्णय की प्रतीक्षा कीजिए और अपनी सम्भाजी :. 489