छत्रपति संभाजी महाराज (धर्मवीर स्वराज्य-रक्षक एवं मुग़ल-प्रतिरोध सम्पूर्ण इतिहास)

छत्रपति संभाजी महाराज (धर्मवीर स्वराज्य-रक्षक एवं मुग़ल-प्रतिरोध सम्पूर्ण इतिहास)
Chhatrapati Sambhaji Maharaj Comprehensive Historical Biography
कमल गोखले / ऐतिहासिक शोध मण्डल द्वारा
DevanagariHindipublished793 पृष्ठ
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सीमाओं का उल्लंघन न करना।" सन्ध्या समय किले पर ऊपर चढ़ते हुए कविराज ने महाराज से पूछा— "राजन! तैयारी हो गयी है तो मुम्बई पर आक्रमण ही क्यों न कर दिया जाय?" "कविराज मेरी भी हार्दिक इच्छा यही थी। परन्तु एक औरंगजेब जैसा शक्तिशाली शत्रु स्वराज्य का काल बनकर आगे बढ़ रहा है। बीच बीच में हमारे अपने लोग भी धोखा देने के लिए सिर उठाते रहते हैं। हमारी स्थिति तो आप जानते ही हैं। बाहर के शत्रुओं ने तो परेशान कर ही रखा है, कम-से कम घर वालों ने तो छोड़ दिया होता—तो...तो हमने अँग्रेजों के गर्वनर को कब का रायगढ़ बुला लिया होता और रोजन्दारी पर उससे सेवा करवाता।" 490 :: सम्भाजी