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छत्रपति संभाजी महाराज (धर्मवीर स्वराज्य-रक्षक एवं मुग़ल-प्रतिरोध सम्पूर्ण इतिहास)

छत्रपति संभाजी महाराज (धर्मवीर स्वराज्य-रक्षक एवं मुग़ल-प्रतिरोध सम्पूर्ण इतिहास)

Chhatrapati Sambhaji Maharaj Comprehensive Historical Biography

कमल गोखले / ऐतिहासिक शोध मण्डल द्वारा

DevanagariHindipublished793 पृष्ठ

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बादशाह मूर्ख नहीं था। उसने सभी को दो दो हजार की मनसबदारी लिख दी। वजीर से शाही वस्त्र भी दिलवा दिया। चारों ने कृतकृत्य भाव से बादशाह की चरण वंदना की और बाहर चले गये। उन चारों के पीछे एक पैंसठ वर्ष का बूढ़ा खड़ा था उसकी छोटी छोटी दाढ़ी, टोपी और आँखों में लगे काजल से लगता था कि वह हिन्दू नहीं है। बादशाह की नजर उस पर पड़ते ही जुल्फिकारखान ने कहा, "किब्लाये आलम, ये हैं काजी हैदर! शिवाजी के समय से रायगढ़ में रहकर मुंसिफ के रूप में काम करते रहे हैं।" चारों सरदार चले गये थे और काजी हैदर वहाँ अकेले उपस्थित थे। हैदर की ओर देखते हुए बादशाह ने हँसकर कहा, "दुश्मनों की सेवा करना अपने आप में बड़ी नाइन्साफी है तो रायगढ़ पर रहकर इतने वर्ष आप कौन सी इन्साफी कर रहे थे?" "गुस्ताखी माफ, हुजूर! शिवाजी जैसा राजा हमें सौभाग्य से मिला। उनके दरबार में हिन्दुओं और मुसलमानों दोनों को समान रूप से न्याय मिलता था।" "काजी पहले यह बताओ कि शिवाजी और सम्भा ने कितनी मस्जिदें तोड़ीं ?" "बादशाह सलामत, एक भी नहीं।" काजी हैदर ने अत्यन्त मन्द स्वर में कहा, "इतना ही नहीं हुजूर! रायगढ़ पर एक छोटी सी मस्जिद बनाने की स्वीकृति शिवाजी ने मुझे दी थी सरकारी खर्च से मस्जिद खड़ी की गयी। दो महीने पहले मैंने रायगढ़ छोड़ा तब तक मस्जिद पूरी तरह सलामत थी।" काजी हैदर को घूरते हुए बादशाह ने प्रश्न किया, "तुम्हारी मूर्खताभरी बातों को सुनकर लगता है कि रायगढ़ स्वर्ग है तो वहाँ के सुख को छोड़कर तुम हमारे पास क्यों आना चाहते हो?" "बादशाह सलामत, आजकल मुझे वहाँ के कर्मचारियों और अधिकारियों में बहुत भय लगने लगा था। जो लोग अपने अन्नदाता स्वामी को मारने की दो दो बार कोशिश कर चुके हों, उनका क्या विश्वास और मैं तो था भी अकेला मुसलमान।" बादशाह ने पुनः एक बार अपनी आँखें बन्द कर लीं। काजी ने अपनी जपमाला को छाती से छुआया। कुरान की किसी आयत का स्मरण किया। काजी हैदर की बुद्धि एवं वफादारी की परीक्षा लेने के लिए उसने सीधा प्रश्न किया— "काजी हमें सच सच बताइए। पाँच लाख की फौज साढ़े तीन लाख घोड़े हम दक्खन की छाती पर नचा रहे हैं। मेरी इतनी बड़ी फौज के चारों ओर फैले रहने पर भी एक चूहे का नन्हा सा बच्चा हमारे साथ इतनी धृष्टता कर रहा है उसके पीछे असली ताकत क्या है?" बादशाह के इस प्रश्न पर काजी हैदर विहँसते हुए बोला, "बादशाह सलामत चूहे का बच्चा जिस बिल में रहता है उसे लोग सह्याद्रि पर्वत कहते हैं। वहाँ 512 :: सम्भाजी