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छत्रपति संभाजी महाराज (धर्मवीर स्वराज्य-रक्षक एवं मुग़ल-प्रतिरोध सम्पूर्ण इतिहास)

छत्रपति संभाजी महाराज (धर्मवीर स्वराज्य-रक्षक एवं मुग़ल-प्रतिरोध सम्पूर्ण इतिहास)

Chhatrapati Sambhaji Maharaj Comprehensive Historical Biography

कमल गोखले / ऐतिहासिक शोध मण्डल द्वारा

DevanagariHindipublished793 पृष्ठ

पृष्ठ 698, कुल 793 में से

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पृष्ठ 698

रही थी। बादशाह ने क्रोध से कहा, “तेरी ये हिम्मत? आलमगीर का मजाक उड़ा रहा है?” औरंगजेब के मन में एक क्षण के लिए आया कि इस पागल दूत को खौलते हुए तेल के कड़ाह में फेंकने का हुक्म दे दे। बादशाह की नजर सामने गयी तो उसने देखा कि उसके पोते, सभी अमीर उमराव, नजदीकी सरदार, बादशाह के तम्बू की ओर भागते हुए आ रहे हैं। जिस प्रकार नमाज पढ़ते समय घुटनों पर झुकते हैं उसी प्रकार सभी घुटनों पर झुक गये थे। हाथ ऊपर उठाकर और आँखों में आँसू लिये सभी ने एक स्वर से कहा, “अल्लाहोऽऽ अकबर, अल्लाहोऽऽ अकबर।” बाहर हँसी के फव्वारे छूट रहे थे। बादशाह के हुक्म के बिना ही ढोल तासे बजने लगे थे। सभी किसी मंगल की सूचना दे रहे थे। समाचार की पुष्टि की आवश्यकता अब नहीं थी। बादशाह के चेहरे की क्रोधभरी वक्र रेखाएँ अब समाप्त हो गयी थीं। आनन्दातिरेक से बादशाह ने अपने मुँड़े हुए सिर पर हाथ रखा। उसके बाल अब बिलकुल पतले हो गये थे। उसके सिर पर विगत छह वर्षों में किसी ने ताज नहीं देखा था। परन्तु उसकी कोई ग्लानि अब उसके चेहरे पर नहीं थी। खुशी से उसका चेहरा रक्ताभ होकर दमक रहा था। बादशाह की आँखों से भी आनन्दाश्रु टपक पड़े। वह भी घुटने टेककर बैठ गया। आसमान की ओर आँखें उठाकर खुदा की इबादत करने लगा, “या खुदा या अल्लाह! शायद आसमान में बैठे फरिश्ते ने मेरी आवाज सुन ली होगी। अल्लाह के नाम से की गुहार जन्नत तक पहुँची होगी। दीन दुनिया के बादशाह अल्लाह तेरा लाख लाख शुक्र।” बादशाह का अभिनन्दन करने के लिए असदखान समीप आ गये, तब असदखान का हाथ अपने हाथ मे लेकर बादशाह ने प्रसन्नता से कहा, “असदखान, अल्लाहताला के हम बहुत एहसानमन्द हैं। अल्लाह ने मेरे जैसे नाचीज पर बड़ी मेहरबानी की है। उसने हमें ऐसा उपहार दिया है जिसे पाकर मैं इतना खुश हूँ कि कोई जन्मान्ध आँखें पाकर या सन्तानहीन सन्तान पाकर भी इस तरह खुशी से पागल न होगा।” सात इधर मुकर्रबखान का दल बहादुरगढ़ की ओर बढ़ रहा था और उधर बादशाह की चिन्ता बढ़ रही थी। वह अधिक सावधान होने लगा था। इतने वर्षों का संघर्ष एक 696 सम्भाजी

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