छत्रपति संभाजी महाराज (धर्मवीर स्वराज्य-रक्षक एवं मुग़ल-प्रतिरोध सम्पूर्ण इतिहास)
Chhatrapati Sambhaji Maharaj Comprehensive Historical Biography
कमल गोखले / ऐतिहासिक शोध मण्डल द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंगट्ठर लेकर जना धोबिन बाहर निकली। शाम होने के पहले उसे कपड़ों को धो डालना था। वह भीमा और इन्द्रायणी के संगम के बहाव की ओर गयी। नदी के पाट में अनेक जगहें निकल आयी थीं। दूसरी ओर तुलापुर के किनारे पर जगह जगह फौजियों के डेरे-तम्बू लगे थे। उस ओर नदी का स्वच्छ पानी और धोने के लिए एक बड़ा और चौड़ा पत्थर जना को दिखाई पड़ा। वह उसी ओर तेजी से बढ़ गयी। पाटील की बारहबन्दी पानी में खंगालकर धोने लगी। जना की उम्र तीस वर्ष की थी। मायका पाबल और ससुराल वढू। बचपन से ही उसने लोक गायकों से शिवाजी महाराज के पवाड़े सुने थे। इसलिए रायगढ़ के प्रति उसके मन में बड़ा आकर्षण था। विवाह से पहले उसने अपने पिता से कई बार कहा था, "तात्या आप मेरे लिए रायगढ़ के आसपास का कोई दूल्हा क्यों नहीं ढूँढ़ देते?" "इतनी दूर क्यों रे छोकरी?" पिता ने पूछा था। "वहाँ रही तो किसी न किसी दिन शिवाजी महाराज और सम्भाजी महाराज के कपड़े धोने को मिलेंगे न? ऐसा होने पर जन्म सार्थक हो जाएगा।" जना के भाग्य में वढू गाँव ही था। गाँव की धोबिन के नाते दामाजी पाटील के घर के कपड़े धोने को मिलते थे। रोज की तरह सहज भाव से उसका कार्य शुरू था। उसी समय तुलापुर गाँव का बैजा गड़रिया अपनी भेड़ों को लेकर आता दिखाई दिया। कपड़ों को और स्वच्छ करने के लिए जना थोड़े गहरे पानी में उतर गयी। कपड़ों को पानी में खँगालते समय एक विचित्र वस्तु उसके हाथ लगी। रस्सी की तरह की उस लिजलिजी वस्तु को किनारे की ओर सरकाते-सरकाते तंग आकर जना चिल्ला पड़ी। "कौन युवा है यह? आदमी है कि जानवर? बकरे की अंतड़ी को पानी में डालने की बेवकूफी लोग क्यों करते हैं?" जना की बात सुनकर बैजा गड़रिया फीकी हँसी हँसते हुए बोला, "जना वह अँतड़ी बकरे की नहीं, आदमी की है।" "हैंऽऽ? क्या कह रहे हो?" "तुम्हें पता नहीं है क्या? कल रात उस बादशाह ने शिवाजी महाराज के बेटे शम्भू महाराज को यहीं नदी के किनारे, बकरे की तरह काटा है। ध्यान से पीछे देख, उन्हीं का रक्त-मांस पीछे चटाई पर पड़ा है।" "क्या कह रहे हो, मामा?" "हाथ नहीं लगाना। घर भाग जा। शम्भूराजा के रक्त-मांस को छूना नहीं। यह बादशाह का हुक्म है। खान के सिपाही तुझे बेदम करके मारेंगे।" सम्भाजी •• 769