भारतकोश
सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

Sant Dadu Dayal Vani with Hindi Commentary

सन्त दादू दयाल जी द्वारा

DevanagariHindipublished504 पृष्ठ

पृष्ठ 108, कुल 504 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 108

हैरान का अंग अथ हैरान का अंग ६ दादू नमो नमो निरंजनं, नमस्कार गुरुदेवतः । वंदनं सर्व साधवा, प्रणामं पारंगत: ॥ 1 ॥ रतन एक बहु पारिखू, सब मिल करैं विचार । गूं गे गहिले बावरे, दादू वार न पार ॥ 2 ॥ अनेक मतवादी केते पारिख जौहरी, पंडित ज्ञाता ध्यान । जाण्या जाइ न जानिए, का कहि कथिये ज्ञान ॥ 3 ॥ केते पारिख पच मुये, कीमत कही न जाइ । दादू सब हैरान हैं, गूँगे का गुड़ खाइ ॥ 4 ॥

  • 108 -