भारतकोश
सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

Sant Dadu Dayal Vani with Hindi Commentary

सन्त दादू दयाल जी द्वारा

DevanagariHindipublished504 पृष्ठ

पृष्ठ 143, कुल 504 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 143

अथ सूक्ष्म जन्म का अंग ११ मंगलाचरण दादू नमो नमो निरंजनं, नमस्कार गुरुदेवतः । वन्दनं सर्व साधवा, प्रणामं पारंगत: ॥ 1 ॥ दादू चौरासी लख जीव की, प्रकृति घट मांहि। अनेक जन्म दिन के करै, कोई जाणै नांहि ॥ 2 ॥ अनेक जन्म दिन के करै दादू जेते गुण व्यापैं जीव को, ते ते ही अवतार। आवागमन यहु दूर कर, समर्थ सिरजनहार ॥ 3 ॥

  • 143 -