सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)
Sant Dadu Dayal Vani with Hindi Commentary
सन्त दादू दयाल जी द्वारा
DevanagariHindipublished504 पृष्ठ
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सांच का अंग www.dadooram.org अथ सांच का अंग १३ मंगलाचरण दादू नमो नमो निरंजनं, नमस्कार गुरुदेवतः । वन्दनं सर्व साधवा, प्रणामं पारंगत: ॥ 1 ॥ अदया हिंसा दादू दया जिन्हों के दिल नहिं, बहुरि कहावें साध । जे मुख उनका देखिये, तो लागै बहु अपराध ॥ 2 ॥ दादू महर मोहब्बत मन नहीं, दिल के वज्र कठोर । काले काफिर ते कहिये, मोमिन मालिक और ॥ 3 ॥
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