भारतकोश
सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

Sant Dadu Dayal Vani with Hindi Commentary

सन्त दादू दयाल जी द्वारा

DevanagariHindipublished504 पृष्ठ

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विचार का अंग www.dadooram.org अथ विचार का अंग १८ मंगलाचरण दादू नमो नमो निरंजनं, नमस्कार गुरुदेवतः । वन्दनं सर्व साधवा, प्रणामं पारंगततः ।। 1 ।। ज्ञान परिचय दादू जल में गगन, गगन में जल है, पुनि वै गगन निरालं । ब्रह्म जीव इहिं विधि रहै, ऐसा भेद विचारं ।। 2 ।। ज्यों दर्पण में मुख देखिये, पानी में प्रतिबिम्ब । ऐसे आत्मराम है, दादू सब ही संग ।। 3 ।।

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