सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)
Sant Dadu Dayal Vani with Hindi Commentary
सन्त दादू दयाल जी द्वारा
DevanagariHindipublished504 पृष्ठ
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उपजन का अंग अथ उपजन का अंग २८ मंगलाचरण दादू नमो नमो निरंजनं, नमस्कार गुरुदेवतः । वन्दनं सर्व साधवा, प्रणामं पारंगततः ।। 1 ।। विचार दादू माया का गुण बल करै, आपा उपजै आइ । राजस तामस सात्विकी, मन चंचल ह्रै जाइ ।। 2 ।। आपा नाहीं बल मिटै, त्रिविध तिमिर नहिं कोइ । दादू यहु गुण ब्रह्म का, शून्य समाना सोइ ।। 3 ।।
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