भारतकोश
सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

Sant Dadu Dayal Vani with Hindi Commentary

सन्त दादू दयाल जी द्वारा

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साक्षीभूत का अंग अथ साक्षीभूत का अंग ३५ मंगलाचरण दादू नमो नमो निरंजनं, नमस्कार गुरुदेवतः । वन्दनं सर्व साधवा, प्रणामं पारंगत: ॥ 1 ॥ भ्रम विध्वंसन सब देखणहारा जगत का, अंतर पूरै साखि । दादू साबित सो सही, दूजा और न राखि ॥ 2 ॥ मांही तैं मुझ को कहै, अन्तरजामी आप । दादू दूजा धंध है, साचा मेरा जाप ॥ 3 ॥

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