सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)
Sant Dadu Dayal Vani with Hindi Commentary
सन्त दादू दयाल जी द्वारा
DevanagariHindipublished504 पृष्ठ
पृष्ठ 296, कुल 504 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 296
साक्षीभूत का अंग अथ साक्षीभूत का अंग ३५ मंगलाचरण दादू नमो नमो निरंजनं, नमस्कार गुरुदेवतः । वन्दनं सर्व साधवा, प्रणामं पारंगत: ॥ 1 ॥ भ्रम विध्वंसन सब देखणहारा जगत का, अंतर पूरै साखि । दादू साबित सो सही, दूजा और न राखि ॥ 2 ॥ मांही तैं मुझ को कहै, अन्तरजामी आप । दादू दूजा धंध है, साचा मेरा जाप ॥ 3 ॥
- 296 -