सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)
Sant Dadu Dayal Vani with Hindi Commentary
सन्त दादू दयाल जी द्वारा
DevanagariHindipublished504 पृष्ठ
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कायाबेली ग्रंथ www.dadooram.org अथ काया बेली ग्रन्थ २३ ३५६. पिंड ब्रह्माण्ड शोधन । पंजाबी त्रिताल साचा सतगुरु राम मिलावे, सब कुछ काया मांहि दिखावे ॥ टेक ॥ काया माँही सिरजनहार, काया माँही ओंकार। काया माँही है आकाश, काया माँही धरती पास ॥ १ ॥ काया माँही पवन प्रकाश, काया माँही नीर निवास । काया माँही शशिहर सूर, काया माँही बाजे तूर ॥ २ ॥ काया माँही तीनों देव, काया माँही अलख अभेव । काया माँही चारों वेद, काया माँही पाया भेद ॥ ३ ॥ काया माँही चारों खानी, काया माँही चारों वाणी । काया माँही उपजै आइ, काया माँही मर मर जाइ ॥ ४ ॥ काया माँही जामै मरै, काया माँही चौरासी फिरै । काया माँही ले अवतार, काया माँही बारम्बार ॥ ५ ॥
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