सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)
Sant Dadu Dayal Vani with Hindi Commentary
सन्त दादू दयाल जी द्वारा
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श्री दादूवाणी-राग धना श्री 27
५५५. दीपचन्दी तेरी आरती ए, जुग जुग जै जै कार ॥ टेक ॥ जुग जुग आत्म राम, जुग जुग सेवा कीजिये ॥ 1 ॥ जुग जुग लंघे पार, जुग जुग जगपति को मिले ॥ 2 ॥ जुग जुग तारणहार, जुग जुग दरसन देखिये ॥ 3 ॥ जुग जुग मंगलचार, जुग जुग दादू गाइये ॥ 4 ॥ इति श्री दादूदास-विरचिते सतगुरु-प्रसादेन प्रोक्तं भक्तियोगनाम तत्वसारमत-सर्वसाधुर्बुद्धिज्ञान-सर्वशास्त्र-शोधितं रामनाम सतगुरुशिक्षा धर्मशास्त्र-सत्योपदेश-ब्रह्मविद्यायां मनुष्य जीवनाम् नित्य-श्रवणं पठनं मोक्षदायकम् श्री दादूवाणीनाम् माहात्म्य सम्पूर्ण ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः
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