सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)
Sant Dadu Dayal Vani with Hindi Commentary
सन्त दादू दयाल जी द्वारा
DevanagariHindipublished504 पृष्ठ
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परिशिष्ट श्री दादूवाणी जी की आरती ॐ जय दादूदयालु गिरा, मां जय दादूदयालु गिरा । माधव के मन भावनी, भव भय सततः हरा ॥ 1 ॥ जो गावे, सुख पावे, क्लेश मिटै हिय का । शम दमादि मन आवे, क्षौभ मिटे जिय का ॥ 2 ॥ काम क्रोध मद भंजनि, लोभ मोह हननी । साधक जन मन रंजनी, शांति क्षमा जननी ॥ 3 ॥ संशय शोक नशावनी, कहती हरि गाथा । श्रुति सिद्धांत सुनावति,तारति भव पाथा ॥ 4 ॥ भेद विवाद मिटावनि, समता सुखकारी । पक्ष विपक्ष नशावनि, विषयाशाहारी ॥ 5 ॥
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