सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)
Sant Dadu Dayal Vani with Hindi Commentary
सन्त दादू दयाल जी द्वारा
DevanagariHindipublished504 पृष्ठ
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परिचय का अंग www.dadooram.org अथ परिचय का अंग ४ मंगलाचरण दादू नमो नमो निरंजनं, नमस्कार गुरुदेवतः। वंदनं सर्व साधवा, प्रणामं पारंगत: ॥ 1 ॥ दादू निरंतर पीव पाइया, तहँ पंखी उनमनि जाइ। सप्तों मंडल भेदिया, अष्टैं रह्या समाइ ॥ 2 ॥ परमात्मा का स्वरूप दादू निरंतर पीव पाइया, तहँ निगम न पहुँचे वेद। तेज स्वरूपी पीव बसे, कोई बिरला जानैं भेद ॥ 3 ॥ परमेश्वर का निवास दादू निरंतर पीव पाइया, तीन लोक भरपूर। सब सेजों साँई बसै, लोक बतावैं दूर ॥ 4 ॥
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