भारतकोश
देवी गीता (देवी भागवत महापुराण सप्तम स्कन्ध - हिमालय-जगदम्बा संवाद सटीक)

देवी गीता (देवी भागवत महापुराण सप्तम स्कन्ध - हिमालय-जगदम्बा संवाद सटीक)

Devi Gita from Devi Bhagavata Purana with Hindi Commentary

आद्याशक्ति भगवती / महर्षि वेदव्यास / पं. ज्वालाप्रसाद मिश्र द्वारा

DevanagariHindipublished40 पृष्ठ

पृष्ठ 31, कुल 40 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 31

( ७६२ ) देवीभागवत-भाषा । १६४

अवश्य उसको पदपदमें अश्वमेधका फल प्राप्त होता है ॥ ४३ ॥ जैसे दूधमें घृत निमग्न है इसीप्रकार सब भूतोंमें ज्ञान निवास करता है, उसकी मंथानभूत मनसे सदा मथना चाहिये ॥ ४४ ॥ ज्ञानको प्राप्त होकरही यह प्राणी कृतार्थ होता है यह वेदान्तकी घोषणा है यह संक्षेपसे आपके प्रति सब वर्णन किया अब क्या सुननेकी इच्छा है ॥ ४५ ॥ इति श्री देवीभागवते महापुराणे सप्तमस्कन्धे भाषायां सप्तत्रिंशोऽध्याय ॥ ३७ ॥

अष्टत्रिंशोऽध्यायः ३८. हिमालय बोले हे देवि ! इस पृथ्वीमें तुम्हारे मुख्य और प्रिय कितने स्थान हैं सो तुम मुझसे कहो ॥ १ ॥ हे मातः ! जिन सब व्रत और उत्सवका अनुष्ठान करनेसे मनुष्य कृतकृत्य होते हैं अपने प्रीतिदायक उन सब व्रत और उत्सवका वर्णन कीजिये ॥ २ ॥ श्रीदेवी बोलीं हे पर्वतराज ! मैं सर्वाधिष्ठानस्वरूपिणी हूं इसकारण भूमण्डलमें जितने स्थान विद्यमान हैं वह सबही मेरी अधिष्ठान भूमि है और मैं सब कालमयी हूं इसकारण सब कालही मेरा व्रत और उत्सवात्मक है. इस कारण जिस समय जिसका अनुष्ठान करै उसकोही मेरी प्रीतिप्रद जाने ॥ ३ ॥ पर तथापि भक्तव- त्सलतासे कुछ तुमसे कहती हूं. हे नगराज ! वह सावधान होकर मुझसे सुनो ॥ ४ ॥ दक्षिणदेशमें कोलापुर ( करवीर ) स्थानमें लक्ष्मीनामसे सदा स्थित हूं सह्यनाम पर्वतमें मातृपुरस्थानमें रेणुकारूपसे निवास करती हूं ॥ ५ ॥ तुलजापुर और सप्तशृंग स्थानमें हिंगुला और ज्वालामुखी निवासकरती हैं ॥ ६ ॥ यह शाकम्भरी, भ्रामरी, श्रीरक्तदन्तिका और दुर्गाका स्थान है ॥ ७ ॥ विन्ध्याचल निवासि- नीका सर्वोत्तम स्थान है, कांचीपुरमें अन्नपूर्णाका महास्थान ॥ ८ ॥ यही पुर भीम देवी विमला श्रीचन्द्रकला और कौशिकीका महास्थान है ॥ ९ ॥ नीलपर्वतके शृंगमें नीलाम्बरीका परमस्थान और सुन्दर श्रीनगरको जाम्बूनदेश्वरीका परम स्थान जानो ॥ १० ॥ नेपालमें गुह्यकालीका उत्कृष्ट स्थान है. चिदम्बरदेशमें मीनाक्षीका परमस्थान है ॥ ११ ॥ वेदारण्यक महास्थानमें सुन्दरी देवी, एकाम्बर महास्थानमें पराशक्ति स्थित रहतीहै ॥ १२ ॥ महालसा, योगेश्वरी और नीलसर स्वतीका स्थान चीनदेशमें है ॥ १३ ॥ वैद्यनाथमें बगलाका सर्वोत्तमस्थान है मणि- द्वीपमें मुझ भुवनेश्वरीका परम स्थान है ॥ १४ ॥ जिस कामरूपदेशमें सतीका

देवी गीता (देवी भागवत महापुराण सप्तम स्कन्ध - हिमालय-जगदम्बा संवाद सटीक) · पृष्ठ 31, कुल 40 में से · BharatKosha