ज्ञानेश्वरी (भावार्थ दीपिका - मूल मराठी ओव्या व हिन्दी व्याख्या)
Dnyaneshwari / Bhavarth Deepika with Hindi Commentary
संत ज्ञानेश्वर महाराज द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंअलिप्त- किसी प्रकारका लगाव रहित, न रहनेका सा रहना, न करनेका सा करना. अलौकिक- लोकोत्तर, अनोखा, यहां-जगतमें न मिलनेवाला. अवधान- मनोयोग, एकाग्र, चित्तैकाग्रता. अवधारणा- विचारपूर्वक, स्थिरचित्तसे सुनना. अवज्ञा- अनादर. अविकार- विकार रहित. अवहेलना-ध्यान न देना, उपेक्षा करना, अनादर करना. अवांतर- इतर, अन्य. अविकृत- न बदलनेवाला, अपरिवर्तित सदैव एकसा रहनेवाला. अव्यक्त- अगोचर, न दीखनेवाला अप्रगट, न दीखनेवाली अवस्था, बीजभूत प्रकृति, निराकार ब्रह्म. अव्यभिचार-अनन्यता, एकनिष्ठा, संपूर्ण रूपसे अर्पित. अव्यय- अविनाशी, निर्विकार, नित्य, आद्यंत रहित. अव्याहत- अवरोधरहित, निर्विवाद, सतत, ठीक. अशुभ- अमंगल, कर्मबंध, अनिष्ट. अशेष - अशोख- संपूर्ण, निःशेष, शेष न रहे ऐसा. अष्टधाप्रकृति- पृथ्वी, आप, तेज, वायु, आकाश और मन, बुद्धि, अहंकार असंग- अकेला, एकाकी, अलिप्त, किसीसे किसी प्रकार न जुडनेवाला, विरक्त. असंमोह - विवेक, मोह न होना, मोहरहित. असलग - सरल, सुगम, आसान. असिपत्र - तलवारसा पत्ता. अस्ताचल - पश्चिम ओरका पहाड. सायंकालमें सूर्य वहां विश्रांति करता है ऐसी कल्पना है. अहंकार ऊर्मिया - अहंकारके तरंग. अहंकृतिभाव - अहंकार, मैंने किया है ऐसा भाव.
- आ- आकलन - ग्रहण करना, अपने काबूमें करना बटोरना, सही ढंगसे समझना. व्यापना. आंगिक - अंगके अवयव, शरीर विषयक. आगम - तंत्रशास्त्र, परंपरासे चलता आया हुआ. आगमोक्त - शास्त्रोक्त, आगम-साधना, शास्त्रमें जैसा कहा है वैसा. आड - ओट, परदा आड - कुंई, छांटा कुआ - मूलमराठी शब्द, प्रासके लिये लिया, और उसी अर्थका स्वीकार किया - आडंबर - अवडंबर, ऊपरी दिखाव, फल- तडक भडक. आतप - धूप, उष्णता, गर्मी, उष्णता. आत्मजा - पुत्री. आत्मविद् - आत्माको जाना हुआ, आत्म- विद्या विभूषत, आत्मज्ञानी. आत्मविदूविलास - आत्मज्ञानमें विलास करनेवाला. आत्मानात्मविचार- जड चेतन विचार, आत्मअनात्मविचार. आद्यंत- आदिसे अंत तक, आदिअंत रहित. आधारचक्र आधारशक्ति- मूलाधारचक्र आनंदमोद बहुल- आनंदरूपी सुवाससे भरा हुआ. आनंदैककला- एकत्वके आनंद कला. आप- आर्द्रता. आपोशन- भोजनपूर्वका आचमन. आप्त- अपने, नातेगोतेके लोग, किसी विषयको भलीभांति जाननेवाला, पूर्ण तत्वज्ञ, संदेहातीत ज्ञानी, ऋषि, विश्वसनीय, अनुभवी. आमोदोन्माद- आनंदोन्माद, सुगंधसे होनेवाला हर्ष. २०१ परिशिष्ट ६