भारतकोश
गरुड़ पुराण

गरुड़ पुराण

Garuda Purana

महर्षि वेदव्यास द्वारा

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विषयपृष्ठ-संख्याविषयपृष्ठ-संख्या
४९- स्वरोदय-विज्ञान११३८०- श्राद्धके अवसर तथा अधिकारी, श्राद्धकी संक्षिप्त विधि, महिमा और फल१७१
५०- रत्नोंके प्रादुर्भावका आख्यान तथा वज्र (हीरे)-की परीक्षा११४८१- विनायकशान्ति-स्नान१७४
५१- मुक्ताके विविध भेद, लक्षण और परीक्षण-विधि११७८२- ग्रहशान्ति-निरूपण१७६
५२-पद्मरागके विविध लक्षण एवं उसकी परीक्षा-विधि१२०८३- वानप्रस्थ-धर्म-निरूपण१७६
५३-मरकतमणिका लक्षण तथा उसकी परीक्षा-विधि१२२८४- संन्यास-धर्म-निरूपण१७७
५४-इन्द्रनीलमणिका लक्षण तथा उसकी परीक्षा-विधि१२४८५- कर्मविपाक-निरूपण१७८
५५- वैदूर्यमणिकी परीक्षा-विधि१२५८६- प्रायश्चित्त-विधान एवं सान्तपन, कृच्छ्र, पराक तथा चान्द्रायणादि व्रतोंका विविध स्वरूप१७८
५६-पुष्पराजमणिकी परीक्षा -विधि१२६८७- अशौच तथा आपद्वृत्ति-निरूपण१८३
५७- कर्केतनमणिकी परीक्षा-विधि१२७८८- महर्षि पराशरप्रोक्त वर्ण तथा आश्रम-धर्म एवं प्रायश्चित्त-धर्मका निरूपण१८६
५८- भीष्मकमणिकी परीक्षा-विधि१२७८९- बृहस्पतिप्रोक्त नीतिसार१८९
५९- पुलकमणिके लक्षण तथा उसकी परीक्षा-विधि१२८९०- नीतिसार-निरूपण१९१
६०- रुधिराक्ष रत्न-परीक्षा१२८९१- नीतिसार१९५
६१- स्फटिक-परीक्षा१२९९२- राजनीति-निरूपण१९७
६२- विद्रुममणिकी परीक्षा१२९९३- राजाद्वारा सेवकोंके लिये अपनायी जाने योग्य भृत्यनीतिका निरूपण१९९
६३- गङ्गा आदि विविध तीर्थोंकी महिमा१२९९४- नीतिसार२०१
६४- गया-माहात्म्य तथा गयाक्षेत्रके तीर्थोंमें श्राद्धादि करनेका फल१३१९५- नीतिसार२०६
६५- गयाके तीर्थोंका माहात्म्य तथा गयाशीर्षमें पिण्डदानकी महिमामें विशालकी कथा१३६९६- नीतिसार२१०
६६- गयातीर्थमें पिण्डदानकी महिमा१४०९७- तिथि आदि व्रतोंका वर्णन२१६
६७- गयाके तीर्थोंकी महिमा तथा आदिगदाधरका माहात्म्य१४१९८- अनंगत्रयोदशीव्रत२१७
६८- चौदह मन्वन्तरोंका वर्णन तथा अठारह विद्याओंके नाम१४३९९-अखण्डद्वादशीव्रत२१८
६९- प्रजापति रुचि और उनके पितरोंका संवाद१४६१००- अगस्त्यार्घ्यव्रत-निरूपण२१८
७०- रुचिद्वारा की गयी पितृस्तुति तथा श्राद्धमें इस पितृस्तुतिके पाठका माहात्म्य१४८१०१- रम्भातृतीयाव्रत२१९
७१- प्रम्लोचा नामक अप्सराकी दिव्य कन्या मानिनीसे प्रजापति रुचिका विवाह१५३१०२- चातुर्मास्यव्रतका निरूपण२२०
७२- भगवान् विष्णुका अमूर्त ध्यानस्वरूप१५४१०३- मासोपवासव्रतका निरूपण२२१
७३- भगवान् विष्णुका मूर्त ध्यानस्वरूप१५५१०४- भीष्मपञ्चकव्रत२२१
७४- वर्णधर्म-निरूपण१५५१०५- शिवरात्रिव्रतकथा तथा व्रत-विधान२२२
७५- वर्णधर्म-निरूपण१५७१०६- एकादशीमाहात्म्य२२४
७६- गृहस्थधर्म-निरूपण१५९१०७- विष्णुमण्डल-पूजाविधि२२५
७७- वर्णसंकर जातियोंका प्रादुर्भाव, गृहस्थधर्म, वर्णधर्म तथा सैंतीस प्रकारके अनध्याय१६३१०८- भीमा-एकादशीव्रत एवं माहात्म्य तथा पूजन-विधि२२५
७८- द्रव्यशुद्धि१६९१०९- व्रतपरिभाषा तथा व्रतमें पालन करने योग्य नियम और अन्य ज्ञातव्य बातें२२६
७९- दान-धर्मकी महिमा१७०११०- प्रतिपदा, तृतीया, चतुर्थी तथा पञ्चमीमें किये जानेवाले विविध तिथिव्रत२२७
१११-षष्ठी तथा सप्तमीके विविध व्रत२३०
११२-दूर्वाष्टमी तथा श्रीकृष्णमाष्टमी-व्रत२३०