गौतम धर्मसूत्र (हिन्दी व्याख्या सहित)

गौतम धर्मसूत्र (हिन्दी व्याख्या सहित)
Gautama Dharmasutra Hindi
महर्षि गौतम द्वारा
स्रोत: Gautama Dharmasutram with Hindi Commentary (उद्गम)
DevanagariHindipublished360 पृष्ठ
पृष्ठ 205, कुल 360 में से
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१४० गौतमधर्मसूत्राणि
जिन विषयों से सम्बद्ध विवाद में विलम्ब होने पर हानि होने की सम्भावना हो उनका निर्णय शीघ्र करना चाहिए ॥ ३० ॥
सर्वधर्मेभ्यो गरीयः प्राड्विवाके सत्यवचनं सत्यवचनम् ॥ ३१ ॥
श्रुतिस्मृतिचोदितेभ्यः सर्वधर्मेभ्यो गुरुतरमिदं यत्प्राड्विवाके पृच्छति सति सत्यं ब्रूयात् । द्विरुक्तिरध्यायसमाप्त्यर्था ॥ ३१ ॥
इति श्रीगौतमीयवृत्तौ हरदत्तविरचितायां मिताक्षरायां द्वितीयप्रश्ने चतुर्थोऽध्यायः ॥ ४ ॥
इति वर्णधर्मः ।
न्यायकर्ता द्वारा पूछे जाने पर सत्य बोलना ही (श्रुति और स्मृति द्वारा विहित) सभी धर्मों में श्रेष्ठ धर्म है ॥ ३१ ॥
द्वितीयप्रश्ने चतुर्थोऽध्यायः समाप्तः ।