गीतावली (गोस्वामी तुलसीदास - गीताप्रेस सम्पूर्ण ७ काण्ड सान्वय सटीक)

गीतावली (गोस्वामी तुलसीदास - गीताप्रेस सम्पूर्ण ७ काण्ड सान्वय सटीक)
Gitavali of Goswami Tulsidas with Gita Press Commentary
गोस्वामी तुलसीदास द्वारा
DevanagariHindipublished454 पृष्ठ
पृष्ठ 17, कुल 454 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 17
[ १३ ] पद-सूचना पृष्ठ-संख्या नृप कर जोरि कह्यो गुर पाहीं १७४ नूपति-कुँवर राजत मग जात १८६ नेकु बिलोकि धौं रघुबरनि ... ६७ नेकु, सुमुखि ! चित लाइ चितौ, री .... १२८ पगनि कब चलिहौ चारौ भैया? ४१ परत पद-पंकज .... १०३ पथिक गौरे-सांवरे सुठि .... १६५ पथिक पयादे जात .... १६६ पदपदुम गरीबनवाजके .... ३२८ पालने रघुपति झुलावै .... ५६ पालत राज यों राजा .... ४२८ पुनि न फिरे सोउ बीर बटाऊ २१० पुत्रि ! न सोचिये ... ४३६ पूजि पारबती भले भाय १२१ पौढ़िये लालम,पालनेहौं झुलावौं ५१ प्रभु सों मैं ढीठो .... २५७ प्रभु कपि-नायक बोलि .... २६० [L