गुरुकुल शिक्षा: भारत-पुनर्निर्माण
Gurukul Shiksha: Bharat Punarnirman
राजीव दीक्षित / रोबिन सिराना द्वारा
स्रोत: Swadeshi Shiksha Series · Swadeshi Robin Sirana · 2017 (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ेंभारतीय संस्कृति की रक्षा एवं गुरुकुलीय शिक्षा-प्रणाली के विस्तार हेतु देशभर में विभिन्न संस्थाये, संगठन एवं विद्वज्जनों, तथा साधु-संतों से सम्पर्क करके ध्रुवीकरण का प्रयास किया जा रहा है।
- 1. 'भारतीय शिक्षा करणीय कार्य एवं हमारा कर्तव्य' ऐसे विषयों पर सेमिनारों का आयोजन
- 2. 'भारतीय संस्कृति, संरक्षण एवं समृद्धि' हेतु त्रि-दिवसीय सेमिनारों का आयोजन।
- 3. देश की विभिन्न संस्थाओं, संगठनों एवं विद्वानों की संगोष्ठि द्वारा गुरुकुलीय शिक्षा विस्तार विषयक चर्चा विमर्श।
- 4. देश के सभी धर्म एवं संप्रदाय के अग्रणियों(जिस में सभी धर्माचार्यों) को बुलाकर गोष्ठि का आयोजन करना।
- 5. विभिन्न राज्यों एवं शहरों में आयोजित सेमिनार एवं गोष्ठिओं में गुरुकुल शिक्षा-प्रणाली का प्रचार-प्रसार।
उपरोक्त कार्यों की फलश्रुति के रूप में अधिकांश महानुभावों ने गुरुकुलीय शिक्षा-प्रणाली के पक्ष में समर्थन देते हुए गुरुकुलम् के प्रकल्प का सहर्ष स्वीकार किया। इस प्रकार के प्रकल्प का विस्तार राष्ट्रीय स्तर पर करने का संकल्प लिया एवं स्वयं कटिबद्ध होने का शुभभाव भी प्रगट किया।
भारतीय शिक्षा ऐसी होनी चाहिए, वैसी होनी चाहिए, बहुत लोगों ने बहुत कुछ पढ़ा-लिखा-सुना परंतु व्यवहारिक, प्रायोगिक रूप से समाज के समक्ष प्रस्तुत यह अद्भुत गुरुकुलीय शिक्षा प्रकल्प एक सराहनीय कार्य हैं ऐसा सभी का अभिप्राय रहा।