गुरुकुल शिक्षा: भारत-पुनर्निर्माण
Gurukul Shiksha: Bharat Punarnirman
राजीव दीक्षित / रोबिन सिराना द्वारा
स्रोत: Swadeshi Shiksha Series · Swadeshi Robin Sirana · 2017 (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ेंप्राचीन भारत के निवासियों की शिक्षा-संस्थाओं के बारे में ई.स. 1823 के कंपनी शासन के एक विवरण में बताया गया है कि 'शिक्षा की दृष्टि से भारत के अनेक गाँवों की जो उन्नत स्थिति है, वैसी स्थिति दुनिया के किसी अन्य देश में नहीं।'
(Report of Select Committee on the Affairs of the East India Co.
Vol.1.Page 409 Published in 1832)
इस रिपोर्ट से यह स्पष्ट होता है कि अंग्रेजों ने भारत पर अपना प्रभुत्व जमाने से पूर्व की हमारी शिक्षा व्यवस्था की पूरी जानकारी प्राप्त कर ली थी।
इंग्लैण्ड द्वारा अपनायी गई हमारी शिक्षा-पद्धति
डॉ एण्डबेल नामक एक प्रसिद्ध अंग्रेज शिक्षाशास्त्री ने भारत की शिक्षा व्यवस्था का अभ्यास कर इंग्लैण्ड में उस पद्धति का अमल किया था। उसके अच्छे परिणाम देखकर ईस्ट इण्डिया कंपनी के नियामकों ने 3 जून 1814 के रोज बंगाल के गर्वनेर जनरल को एक पत्र लिखा कि 'शिक्षा की जिस पद्धति का प्रयोग भारत के आचार्यों द्वारा पूर्व से जारी है, उसी पद्धति के आधार पर हमारी शालाओं में भी शिक्षा दी जानी चाहिए, क्योंकि उससे शिक्षा-पद्धति अति सरल और सुगम हो पाती हैं।'