भारतकोश
गुरुकुल शिक्षा: भारत-पुनर्निर्माण

गुरुकुल शिक्षा: भारत-पुनर्निर्माण

Gurukul Shiksha: Bharat Punarnirman

राजीव दीक्षित / रोबिन सिराना द्वारा

स्रोत: Swadeshi Shiksha Series · Swadeshi Robin Sirana · 2017 (उद्गम)

DevanagariHindipublished78 पृष्ठ

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ज्यादा से ज्यादा रैपर इकट्ठा कर सकता है, उसे कैमरा या कॉमिक्स इनाम में दिया जाता है। मुंबई के किसी मशहूर रेस्टोरेंट में किसी प्रसिद्ध कार्टून चरित्र के साथ लंच या डिनर का इंतजाम भी हैं।

टूथपेस्ट बनाने वाली एक कंपनी स्कूलों में एक फिल्म दिखाती है। बच्चों को बताया जाता है कि दांत कैसे खराब होते हैं। फिर यह बताया जाता है कि उनके द्वारा बनाई हुई टूथपेस्ट से दांत कितने सुरक्षित रहते हैं। कितने ज्यादा मजबूत हो जाते हैं। हर बच्चे को कोलगेट की एक ट्यूब मुफ्त में दी जाती है।

A green school bag with a yellow zipper and a green handle. The bag is open, revealing various school supplies: a yellow notebook with a cartoon face, a spiral-bound notebook, a red apple with a face, a yellow ruler, a pair of orange scissors, and several pencils in different colors (yellow, orange, green, blue). The bag is set against a plain white background.

बाजार की गिरफ्त से अब तक स्कूल बचे थे। अब वे भी इस बाजार की लपेट में आ गये हैं। बाजार पर कब्जा मल्टीनेशनल कंपनियों का है। मकसद और निष्कर्ष दोनों साफ हैं। बच्चों को एक ऐसी दुनिया में धकेला जा रहा है, जिसमें वे कुछ खास उत्पादों के आदी और गुलाम हो जाएं।

कालेज डे मल्टीनेशनल कंपनियाँ स्पॉंसर कर रही हैं। आइसक्रीम, टूथपेस्ट से लेकर कोल्ड ड्रिंक्स नूडल्स और पिज्जा की मार्केटिंग के लिए बच्चों को टारगेट बनाया जा रहा है। जंक फूड को मासूमों के कंधों पर लादने के लिए मल्टीनेशनल कंपनियाँ उनके क्लास रूम तक पीछा कर रही है। हेपेटाइटिस के टीके से लेकर फन पार्क या 'जेल पेन' के प्रचार के लिए हमारे मासूम बच्चे इस्तेमाल किये जा रहे हैं।