भारतकोश
गुरुकुल शिक्षा: भारत-पुनर्निर्माण

गुरुकुल शिक्षा: भारत-पुनर्निर्माण

Gurukul Shiksha: Bharat Punarnirman

राजीव दीक्षित / रोबिन सिराना द्वारा

स्रोत: Swadeshi Shiksha Series · Swadeshi Robin Sirana · 2017 (उद्गम)

DevanagariHindipublished78 पृष्ठ

पृष्ठ 67, कुल 78 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 67

अगर बच्चे आपके हाथ से निकल गए, तो समझिए

आपका सब कुछ नष्ट हो गया।

इसीलिए मैं कहता हूँ कि थोड़ा सा समय निकालिए और ठंडे दिमाग से सोचिए। स्कूलों के संचालकों और प्रधानाचार्यों पर मुकदमा ठोकिए, मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराईये या अखबारों में विरोध करिए। आपके बच्चों की परवरिश का अधिकार आपका है। आप बच्चों की पढ़ाई की फीस अदा करते हैं। वह आपका हक बनता है कि स्कूलों में आपका बच्चों के साथ खेलवाड़ न हो।

जिस देश में गुरुकुल की परम्परा रही हो, विद्यालयों को ज्ञान मंदिर माना जाता रहा हो, सरस्वती की पूजा की जाती हो, वहाँ कारपोरेट जगत के दलालों के प्रवेश पर पांबदी लगनी चाहिए। कालेजों और स्कूलों के प्रबंधको कोइस बात की चेतावनी दी जानी चाहिए कि वे चंद पैसें की खातिर बच्चों के स्वास्थ्य और भविष्य को दांव पर नहीं लगा सकते।

बाजार आपकी जिंदगी को बेहतर नहीं बना सकता, तो यह कोशिश जरूर कीजिए कि बाजार आपको अपना गुलाम भी न बना सके। अगर बच्चे आपके हाथ से निकल गए, तो समझिए आपका सब कुछ नष्ट हो गया।

गुरुकुल शिक्षा: भारत-पुनर्निर्माण · पृष्ठ 67, कुल 78 में से · BharatKosha